BPSC री-एग्जाम : छात्र बोले- 'प्रश्न पत्र में बदलाव तो हुआ, लेकिन आयोग को प्रदर्शन पर...'

बिहार में बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग के बीच शनिवार को पटना के 22 परीक्षा केंद्रों पर पुनर्परीक्षा हुई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पटना:

बिहार में बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग के बीच शनिवार को पटना के 22 परीक्षा केंद्रों पर बीपीएससी की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई. प्रदर्शन के बावजूद भी अभ्यर्थियों परीक्षा देने के लिए एग्जाम केंद्र पहुंचे और कड़ी सुरक्षा के बीच छात्रों ने परीक्षा दी. रीएग्जाम के लिए 12 हजार में से सात हजार अभ्यार्थियों ने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया था.

परीक्षा केंद्र से रीएग्जाम  देकर बाहर आए छात्रों ने NDTV से बात की. मोतिहारी से आए अभ्यर्थी बलराम ने कहा कि परीक्षा अच्छा रहा. पिछले पैटर्न के तर्ज पर ही पश्न थे. BPSC ने प्रश्न पत्र में सुधार किए हैं. छात्र रवि सिंह ने कहा कि बीपीएससी ने छात्रों के सुज्ञाव पर पश्न पत्र में बदलाव किए गए हैं. लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग पर विचार किया जाना चाहिए. खामियों में इस बार बीपीएससी  ने सुधार किया है.

भागलपुर से आए एक छात्र ने कहा कि परीक्षा का पैटर्न ठीक था. 13 दिसंबर को छात्रों ने हंगामा किया. ये सब विवाद कुछ छात्रओं के कारण हुआ. हम प्रदर्शन के समर्थन में हैं. 

Advertisement
Advertisement

प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन को आशंका थी कि जिन पांच हजार अभ्यार्थियों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं किया है, वो परीक्षा केंद्रों पर पुनर्परीक्षा का विरोध कर सकते हैं. इसी के मद्देनजर केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी. जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर 65 मजिस्ट्रेट्स की तैनाती की थी, जिसमें से 14 मजिस्ट्रेट जिला नियंत्रण कक्ष में तैनात किए गए. इसके अलावा परीक्षा शांतिपूर्ण हो सके, इसके लिए गश्ती मजिस्ट्रेट की भी नियुक्ति की गई थी.

Advertisement

बीपीएससी के खिलाफ क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं छात्र
बीपीएससी द्वारा 13 दिसंबर को आयोजित एक संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों अभ्यर्थियों ने पटना के बापू परीक्षा केंद्र में संचालित परीक्षा का बहिष्कार किया था. इसपर आयोग ने 10,000 से अधिक उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा का आदेश दिया था, जिन्हें चार जनवरी को शहर के विभिन्न केंद्रों पर नए सिरे से आयोजित की जाने वाली परीक्षा में शामिल होने के लिए कहा गया है.

Advertisement

हालांकि, आयोग का यह भी मानना ​​है कि बिहार के शेष 911 केंद्रों पर परीक्षा ठीक से आयोजित की गई थी और इस परीक्षा में शामिल पांच लाख से अधिक उम्मीदवारों की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई थी. लेकिन उम्मीदवारों के एक वर्ग ने 'समान अवसर' सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों के लिए फिर से परीक्षा का आदेश दिये जाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया.

प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अधिकारियों को 'सबूत' मुहैया कराए हैं कि कदाचार व्यापक रुप से हुआ था और यह केवल बापू परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं था. बीपीएससी ने उनके इस दावे को खारिज कर दिया है.

Featured Video Of The Day
AR Rahman के सीने में उठा दर्द, अस्पताल में करवाया गया भर्ती | BREAKING NEWS
Topics mentioned in this article