- बिहार के सोनपुर में महिला का शव आधी रात को उसके मायके के सामने फेंका गया, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया
- मृतका सरिता की शादी नौ महीने पहले वैशाली जिले के करताहां में हुई थी, परिजन दहेज और पैसों की मांग से परेशान थे
- शव फेंकने वाली स्कॉर्पियो पुलिस दरोगा संतोष रजक के ससुराल की गाड़ी थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है
बिहार के सारण के सोनपुर में एक महिला का शव उसके मायके में फेंके जाने का खौफनाक मामला सामने आया है. घटना शुक्रवार आधी रात की है. शनिवार सुबह जब मायके वालों ने दरवाजे पर बेटी का शव पड़ा देखा तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि उनकी लाड़ली के साथ अचानक ये हुआ क्या. बेटी तो ससुराल में थी फिर वह बेजान हालत में अपने नहियर के दरवाजे पर कैसे पहुंची.
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उन्होंने तुरंत घर में लगा सीसीटीवी खंगाला तो पता चला कि आधी रात स्कोर्पियो सवार कुछ लोग बेटी का शव उसके घर के आगे फेंक कर चले गए. मृतका का परिजनों ने बेटी की हत्या का आरोप उसके पति और ससुरालवालों पर लगाया है. इस मामले में सोनपुर के हरिहरनाथ थाने मे पति सतेन्द्र के साथ पांच लोगों पर FIR दर्ज की गई है.
दामाद मांग रहा था 3 लाख रुपये
मृतका के पिता ने बताया कि करीब 9 महीने पहले उन्होंने अपनी बेटी सरिता की शादी वैशाली जिले के करताहां थाना क्षेत्र स्थित करताहां बुजुर्ग गांव के सत्येंद्र कुमार से की थी. उन्होंने अपनी क्षमता के मुताबिक दहेज भी दिया था. इतना ही नहीं उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए 8 लाख रुपये भी दामाद को दिए थे. लेकिन वह 3 लाख रुपये और मांग रहा था.
पिता ने आरोप लगाया कि बेटी के पति और उसके घर वालों ने गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को उनके घर के सामने लाकर फेंक दिया. सरिता के परिजनों ने ये भी बताया कि जिस स्कॉर्पियो से उसका शव फेंका गया, वह गाड़ी पुलिस दारोगा की है, जो उसकी गांव के रहने वाले हैं. वह वर्तमान में मुजफ्फरपुर मे तैनात हैं. इस गाड़ी से सरिता और उसका पति आते-जाते थे. सतेन्द्र की पहले दो शादियां हों चुकी है ये उसकी तीसरी शादी थी. शराब के मामले में वह एक बार जेल भी जा चुका है.
मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उस गाड़ी को बरामद कर लिया है, जिससे सरिता का शव घर के सामने फेंके जाने की बात कही जा रही है. उस ब्लैक स्कोर्पियो को पुलिस ने जब्त कर लिया है. यह कार लालगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव के दरोगा संतोष रजक के ससुराल में लगी थी. गाड़ी को लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बरामद कर लिया है.
मामले पर दरोगा संतोष रजक के ससुर प्रमोद बैठा का कहना है कि उनके दामाद पहले करताहां थाना में तैनात थे, तब से ही आरोपी सत्येंद्र की उनसे जान पहचान है. सत्येंद्र ही उनके दामाद की गाड़ी चलाता है और गाड़ी उसके ही पास थी. लेकिन शुक्रवार दोपहर बाद किसी से सत्येंद्र ने गाड़ी भिजवा दी. जबकि वह खुद नहीं आया. उन्होंने कहा कि उनके ये बात नहीं पता थी कि इी गाड़ी से सत्येंद्र ने किसी घटना को अंजाम दिया है इसलिए उन्होंने गाड़ी रख ली.वहीं मौके पर पहुंचे लालगंज एसडीपीओ और करताहां थाना की पुलिस गाड़ी को जब्त कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर आरोपी पति को पुलिस कब गिरफ्तार करेगी. पुलिस ने शव को तो पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ,सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच भी शुरू कर दी है.













