बिहार में अब लोगों की अपनी समस्याओं को लेकर दफ्तरों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा. बिहार सरकार के अधिकारी मंगलवार से पंचायतों में जायेंगे और पंचायतों में सहयोग शिविर लगेगा. इस शिविर में लोग अपनी शिकायत लेकर जाएंगे और 30 दिनों के अंदर शिकायत का समाधान करना जरूरी होगा. शिविर के कामकाज को देखने के लिए सभी मंत्रियों को जिले में जाने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद भी शिविर में जाकर लोगों से मिलेंगे. यह शिविर नियमित रूप से रोटेशन पर अलग- अलग पंचायतों में लगाए जाएंगे. प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को रोस्टर के मुताबिक पंचायतों में शिविर लगेंगे.
ऑन स्पॉट दर्ज की जाएगी शिकायत
शिविर में लोगों से उनकी शिकायतों/ समस्याओं का आवेदन लिया जाएगा. जिस पंचायत में शिविर लगेगा, वहां 30 दिन पहले ही कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. यह कर्मी लोगों से आवेदन लेंगे और उसका रजिस्ट्रेशन ‘सहयोग समाधान पोर्टल' पर करेंगे. ऑन स्पॉट शिकायत भी दर्ज की जाएगी. शिकायत मिलने के 30 दिनों के भीतर उसका समाधान कर आवेदक को लिखित सूचना दी जाएगी.
19 विभागों के काउंटर बनेंगे. 4 तरह के मामले निपटाए जाएंगे. शिकायत– सुझाव देने का विकल्प होगा.
- लोक-कल्याणकारी योजनाएं: राशन कार्ड, वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री आवास योजना और मनरेगा से संबंधित मामले.
- राजस्व एवं भूमि मामले: जमीन संबंधी विवाद, दाखिल-खारिज (Mutation), और सीमांकन (Demarcation) के मामले.
- प्रमाण पत्र: जाति, आय, निवास और अन्य आवश्यक प्रशासनिक प्रमाण पत्र.
- बुनियादी सुविधाएं: बिजली, नल-जल, ग्रामीण सड़कें, प्राथमिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामले.
कब - किस पंचायत में लगेगा शिविर?
इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कोई भी शिकायत या सुझाव देने का विकल्प भी होगा. राज्य में पंचायतों की संख्या बहुत अधिक है और कई विभागों के अधिकारियों को एक ही स्थान पर मौजूद रहना है, इसलिए हर प्रखंड के अंतर्गत आने वाली सभी पंचायतों को अलग-अलग तारीखें दी गई हैं.
19 मई (पहले चरण) के बाद, प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को रोस्टर के अनुसार अगली पंचायतों का नंबर आएगा. इस तरह धीरे-धीरे राज्य की सभी 8,053 पंचायतों को कवर किया जाएगा. पंचायत में किस तारीख को कैंप लगेगा, इसकी सटीक जानकारी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1100 पर फोन करके ली जा सकती है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिले में शिविर के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मंत्रियों से कहा है कि वे जनता से बात कर के शिविर का सही फीडबैक लें. मुख्यमंत्री स्वयं सोनपुर और नौबतपुर में शिविर का निरीक्षण करेंगे.
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