- पटना के गर्ल्स हॉस्टल में मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर नाखून से नोंचने और गुप्तांग के आसपास गंभीर चोटों के निशान मिले हैं
- प्रारंभिक जांच में मौत को नींद की गोलियां खाने से आत्महत्या बताया गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट अलग है
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि बिहार के पटना में NEET छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने देश को फिर झकझोर दिया है. कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 10 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान दम तोड़ने वाली मेडिकल की छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसे खौफनाक खुलासे हुए हैं, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. पुलिस जिसे नींद की गोलियां खाकर किया गया सुसाइड बता रही थी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट गैंगरेप की ओर इशारा कर रही है. इस निर्मम गैंगरेप ने एक बार फिर से निर्भया और कोलकाता की ट्रेनी डॉक्टर से हुई दरिंदगी के जख्म हरे कर दिए हैं.
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लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऐसी है, जिसे देख किसी की भी रूह कांप जाए. रिपोर्ट में जिन बातों का जिक्र किया गया है, उनसे साफ है कि लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई. इस रिपोर्ट के मुताबिक, NEET छात्रा के शरीर पर नाखून से नोचे जाने के गहरे जख्म मिले हैं, जो जबरन हिंसा की ओर इशारा कर रहे है. रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि एक से ज्यादा लोगों ने सके साथ यौंन हिंसा की है. इतना ही उसे इंजेक्शन दिए जाने की आशंका भी जताई गई है. डॉक्टर्स का मानना है कि लड़की को कंट्रोल में करने के लिए दरिंदों ने उसे बेहोशी के लिए कोई दवा या इंजेक्शन दिया, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता.
प्राइवेट पार्ट में घाव, चोट सूजन के निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर चेहरे, गर्दन, कंधे समेत शरीर के ऊपरी हिस्से पर कई जगह खरोच और चोट के निशान मिले हैं. इसके साथ ही उसके गुप्तांग के आसपास सूजन और चोट के निशान मिले, गुप्तांग के अंदर और बाहर घाव के निशान भी पाए गए हैं, जो इस ओर इशारा करते हैं कि उसके साथ शारीरिक रूप से जबरदस्ती और हिंसा की गई थी.
पुलिस मौत को बता रही थी आत्महत्या
मृतका के परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल संचालक ने बेटी की हत्या की है. उसने मामले को दबाने के लिए इसे नींद की अधिक गोलियां खाने से जोड़ दिया. परिवार का कहना है कि शुरू से ही सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनके शक को और गहरा दिया है.
पटना SSP से मिले प्रशांत किशोर
जनसुराज पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर इस मामले में पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा से मिलने पहुंचे. उन्होंने कहा कि पीड़िता के परिवार का मानना है कि मामले की जांच कर रहे लोगों का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा. उन्होंने उनकी मदद नहीं की है. इसीलिए उन्होंने एसएसपी से मिलकर जिम्मेदारों अफसरों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
इस मामले में लोग पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. एक ट्विटर यूजर ने कहा कि सबसे पहले तो पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही एक मनगढ़ंत कहानी पेश कर दी, फिर परिवार और भारी जन आक्रोश के बाद छात्रा के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसमें कई नई बाते निकल कर सामने आई हैं, जिनसे पता चलता है कि छात्रा की मृत्यु से पहले उसके साथ शारीरिक संघर्ष हुआ था.













