भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज हादसे के बाद बिहार में पुल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. ताजा मामला गोपालगंज-बेतिया महासेतु का है. इसका उद्घाटन हुए 10 साल भी नहीं बीते कि महासेतु में दरार नजर आने लगी है. जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में पिलर नंबर 5 के पास 7 से 9 इंच का गैप आ गया है. 550 करोड़ रुपये की लागत वाले पुल में दरार की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. शनिवार (23 मई) को डीएम पवन कुमार सिन्हा ने पुल का विस्तृत निरीक्षण किया. डीएम ने बताया कि पुल के स्पैन में गैप आ गया है. एहतियात के तौर पर बड़े और भारी वाहनों के आवागमन पर तुरंत रोक लगा दी गई है, जबकि छोटे वाहनों का परिचालन जारी रखा गया है.
NIT और IIT पटना को भेजी रिपोर्ट
डीएम ने पटना की NIT और IIT की टीम को रिपोर्ट भेज दी है. विशेषज्ञों की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचकर पुल की सुरक्षा का आंकलन करेगी. उन्होंने कहा कि अगर गैप बढ़ता रहा तो पुल और कमजोर हो जाएगा और मरम्मत करना बेहद मुश्किल हो जाएगा.
सैंकड़ों गांवों के लिए लाइफलाइन है ब्रिज
साल 2015-16 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महासेतु का उद्घाटन किया था. इस पुल के निर्माण से गोपालगंज और पश्चिम चंपारण के दियारा इलाकों में बड़ा फायदा पहुंचा. यह ब्रिज सैंकड़ों गांवों के लिए विकास की मुख्यधारा से जुड़ा है. लेकिन पुल में गैप आने से इसकी गुणवत्ता और निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
जादोपुर-मंगलपुर महासेतु में पिलर नंबर 5 के पास गैप.
3-4 मई को विक्रमशिला सेतु का पिलर ढहा
बता दें कि इसके पहले भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का पिलर ढह गया था. 3-4 मई की देर रात ब्रिज का एक हिस्सा गिर गया था. इसके चलते वहां पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था. गोपालगंज के इस महासेतु में दरार बढ़ने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं.
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