Bihar Mining Revenue 2025-26: छापेमारी में 'शेर', वसूली में 'ढेर', 50 हजार रेड के बाद भी मंत्री नहीं बता पाए जुर्माने का हिसाब

Vijay Sinha Press Conference: बिहार में अवैध खनन पर सरकार का 'हंटर' तो खूब चला, लेकिन जब बात तिजोरी भरने की आई, तो खान एवं भूतत्व विभाग पिछड़ गया. चौंकाने वाली बात यह है कि रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई और हजारों गिरफ्तारियों के बावजूद, विभाग पिछले 3 सालों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.

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Illegal Mining Bihar Raid: 93% राजस्व पर सिमटा बिहार का खान विभाग, 50 हजार छापेमारी का शोर; पर वसूली के सवाल पर साधी चुप्पी
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Patna News: बिहार में खान एवं भूतत्व विभाग राजस्व वसूली में पिछड़ गया है. पिछले 3 साल में तय टारगेट के मुकाबले इस साल सबसे कम राजस्व वसूली हुई है. राज्य में अवैध खनन, दूसरे राज्यों से रेत और पत्थर की खरीद बढ़ने से विभाग को यह नुकसान हुआ है. 

एक साल में कितने कमाए?

2024-25 में विभाग ने 3500 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा था और लक्ष्य से अधिक 3536 करोड़ राजस्व इकट्ठा किया था. लेकिन इस बार 3850 करोड़ लक्ष्य रखने के बाद 3592 करोड़ रुपये ही हासिल कर पाया. जो लक्ष्य का 93% है. यह पिछले 3 साल में सबसे कम है.

अब ट्रांजिट पास बढ़ाएगा राजस्व?

यह आंकड़े गुरुवार को विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आए. राजस्व बढ़ाने के लिए अब विभाग दूसरे राज्यों से आने वाले बालू, पत्थर के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य कर रहा है. विभाग को उम्मीद है कि इससे राजस्व बढ़ेगा.

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ढाई हजार से ज्यादा FIR, 82 करोड़ की वसूली

बिहार में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ पिछले एक साल में 50 हजार से अधिक छापेमारी की गई है. इन छापेमारी के बाद 2727 FIR की गई है. अवैध खनन में लगे 6214 वाहनों को जब्त किया गया है और इनसे 82.06 करोड़ की वसूली की गई है. इन मामलों में 806 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

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मंत्री-डायरेक्टर नहीं दे पाए जवाब

बताते चलें कि विभाग ने अवैध खनन में शामिल वाहनों पर 1 से 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया है. हालांकि जुर्माना वसूलने के मामले में विभाग सुस्त दिखाई देता है. कितने वाहनों से जुर्माना वसूला गया, इस सवाल का विभाग के पास कोई ठोस जवाब नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री विजय सिन्हा और निदेशक मनेश कुमार मीणा इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए.

'बहुत जल्द जारी होगा पत्थर खनन का पट्टा'

मंत्री विजय सिन्हा दावा कर रहे हैं कि उन्होंने इस विभाग को बंदूक और वर्चस्व के पर्याय से रोजगार और राजस्व का पर्याय बना दिया. उन्होंने कहा कि राज्य में अब अवैध खनन की गतिविधियों पर रोक लगी है. बालूघाटों पर मॉनिटरिंग बढ़ी है. पहले संवेदक ऊंची बोली पर टेंडर हासिल कर लेते थे और ओवरलोडिंग करते थे. अब यह बंद हो गया है. इसलिए संवेदक टेंडर को सरेंडर कर रहे हैं. हम बहुत जल्द पत्थर खनन पट्टा जारी करने वाले हैं, इससे दूसरे राज्यों से पत्थर लाने की मजबूरी घटेगी और राजस्व बढ़ेगा.

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