बिहार में मिड-डे मील बना 'जहर'! नालंदा में सरकारी स्कूल का खाना खाकर 33 बच्चे बीमार, मचा हड़कंप

बिहार के नालंदा में मिड-डे मील खाने से मध्य विद्यालय कैला के 33 बच्चे और कुछ शिक्षक फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए. भोजन में संदिग्ध दवा होने का शक है. 

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बिहार में मिड-डे मील खाने से 33 बच्चे बीमार हो गए.

Bihar News: बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल में दोपहर का भोजन (मिड-डे मील) खाने से करीब 33 बच्चे अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गए. मामला नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कैला का है. इस घटना के बाद से न सिर्फ स्कूल परिसर बल्कि पूरे प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है. आनन-फानन में सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

खाने में मिली 'दवा' का शक

स्कूल के बच्चों के अनुसार बुधवार को उन्हें मिड-डे मील में चावल और चने की सब्जी परोसी गई थी. खाना खाते समय कुछ बच्चों को दाल या सब्जी में किसी संदिग्ध दवा जैसी चीज के मिले होने का अहसास हुआ था. भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को पेट दर्द, सिर दर्द, उल्टी, दस्त और चक्कर आने जैसी दिक्कतें होने लगीं. देखते ही देखते कई बच्चे बेहोश होकर गिरने लगे. हैरान करने वाली बात यह है कि इस भोजन को स्कूल के कुछ शिक्षकों ने भी खाया था, जिससे वे भी फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए.

अस्पतालों में मची चीख-पुकार

तबीयत बिगड़ते ही स्कूल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा, चंडी अस्पताल और सदर अस्पताल बिहारशरीफ में भर्ती कराया. पीड़ित बच्ची निशु कुमारी ने बताया कि खाना खाने के तुरंत बाद उसे चक्कर आने लगे थे. वहीं चार बच्चों की माँ ललिता देवी ने रोते हुए बताया कि उनके बच्चों की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उन्हें नगरनौसा से चंडी और फिर वहाँ से सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा. सदर अस्पताल के डॉ. पिंकू कुमार और मेडिकल ऑफिसर डॉ. आकृति ने पुष्टि की है कि सभी बच्चों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण हैं और फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है तथा स्थिति नियंत्रण में है.

"एकता शक्ति फाउंडेशन" 

इस घटना के बाद से पीड़ित परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. पीड़ित बच्चे के पिता राकेश कुमार ने सीधे तौर पर भोजन में दवा गिरी होने का आरोप लगाया है. बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र के स्कूलों में मिड-डे मील की सप्लाई “एकता शक्ति फाउंडेशन” नाम की संस्था करती है. मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरनौसा प्रमुख रंजू कुमारी ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि बच्चों की सेहत के साथ यह खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है.

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