कॉलेज हॉस्टल में फंदे से लटकी मिली छात्रा! मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में रहस्यमयी मौत से हड़कंप

मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज हॉस्टल में सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा खुशबू कुमारी का शव फंदे से लटका मिला. परिजनों ने कॉलेज प्रशासन और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

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मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रा की रहस्यमयी मौत
बिहार:

मधेपुरा से सनसनीखेज खबर सामने आई है. बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक छात्रा का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया. मृत छात्रा की पहचान बेगूसराय निवासी 20 वर्षीय खुशबू कुमारी के रूप में हुई है, जो कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग सेकेंड ईयर की छात्रा थी. घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई. छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ मौके पर जुट गई.

सूचना पर पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है. वहीं, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है, ताकि मौत के कारणों की गहन जांच की जा सके. फिलहाल, छात्रा द्वारा यह कदम क्यों उठाया गया, इसका खुलासा नहीं हो सका है. पुलिस सभी पहलुओं से जांच में जुटी हुई है. इस दर्दनाक घटना के बाद कॉलेज परिसर में शोक और तनाव का माहौल है.

छात्रा की संदिग्ध मौत

वहीं, अब मधेपुरा के बीपी मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रा खुशबू कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है. देर रात मृतका के माता-पिता सहित अन्य परिजन मधेपुरा पहुंचे. बेटी का शव देख मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं पूरे कॉलेज परिसर में गमगीन माहौल बना रहा.

इधर, मृतका की रूममेट संध्या कुमारी का बयान भी सामने आया है. संध्या ने बताया, कि वे तीन छात्राएं एक ही कमरे में रहती थीं. सोमवार को दो बजे से क्लास थी, लेकिन खुशबू क्लास में नहीं गई. साढ़े तीन बजे जब वह क्लास से लौटी तो कमरे का गेट अंदर से बंद था. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने आसपास के सीनियर और बैचमेट्स को सूचना दी. इसके बाद वार्डन को बुलाया गया. गार्ड्स द्वारा गेट खुलवाने पर बालकनी के दरवाजे से खुशबू का शव फंदे से झूलता मिला. संध्या ने कहा कि छह महीने से साथ रहने के दौरान खुशबू ने कभी किसी परेशानी की बात साझा नहीं की थी.

2024 में हुआ था एडमिशन

मृतका के पिता मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरारलोचनपुर निवासी पवन सिंह ने बताया, कि उन्हें उनकी बेटी की मौत की सूचना उसकी रूममेट ने दी, कॉलेज प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा कि रविवार को उनकी बेटी से आखिरी बार बात हुई थी और वह बिल्कुल सामान्य थी. 27 जनवरी को ही वह घर से कॉलेज लौटी थी. सितंबर 2024 में उसका एडमिशन हुआ था और उसने कभी कॉलेज को लेकर शिकायत नहीं की थी.

परिजनों ने पुलिस और कॉलेज प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में ही शव को नीचे उतार दिया गया. परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. हालांकि, पुलिस ने मंगलवार की अहले सुबह शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है. छात्रा की बंद कमरे में मौत कई तरह के सवाल खड़े कर रही है. घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही है. फिलहाल, सबकी निगाहें मृतका के फोन डिटेल्स, एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकीं हैं.

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इनपुट: रमण कुमार

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