बिहार: सरकारी बस की डिग्गी में रखी थी शराब की 282 बोतलें, नीतीश की पुलिस ने ऐसे धर दबोचा

बिहार में पुलिस ने सरकारी बस से ही शराब की तस्करी वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बिहार में शराब तस्करों ने सरकारी बस का उपयोग कर शराब की बड़ी खेप तस्करी करने की कोशिश की है
  • पटना के दनियावां थाने की पुलिस ने रांची से मुजफ्फरपुर जा रही सरकारी बस से विदेशी शराब बरामद की है
  • पुलिस ने बस की डिग्गी से 282 बोतल विदेशी शराब बरामद कर ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
पटना:

बिहार में शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखाते हुए शराब तस्कर अब सरकारी तंत्र का इस्तेमाल करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला राजधानी पटना के दनियावां थाना क्षेत्र का है, जहां बुधवार की सुबह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. 

दनियावां पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की एक सवारी बस को जब्त किया है, जिससे करीब 4 लाख रुपये की कीमत की विदेशी शराब बरामद की गई है. जानकारी के अनुसार, पुलिस को सटीक इनपुट मिला था कि रांची से मुजफ्फरपुर जा रही एक सरकारी बस में सवारियों के साथ-साथ शराब की एक बड़ी खेप भी ले जाई जा रही है. 

बस की डिग्गी से मिली शराब

सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष अनिल प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और होरीलबिगहा गांव के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया. जैसे ही रांची की ओर से आ रही बस वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रुकवाया. शुरुआती तलाशी के दौरान जब पुलिस ने बस की डिग्गी खोली, तो वहां मौजूद सामान को देख सभी की आंखें फटी की फटी रह गई. 

डिग्गी के भीतर कुल 6 कार्टूनों में करीने से सजाकर रखी गई विदेशी शराब की 282 बोतल मिली. पुलिस के अनुसार बरामद शराब की कुल मात्रा 211 लीटर है. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर लिया और उसके ड्राइवर और कंडक्टर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के निवासी मनोज सिंह और धर्मजीत सिंह के रूप में की गई है.

आरोपियों ने क्या बताया?

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते हुए कहा कि यह सामान उन्हें पार्सल के रूप में बुक कराकर दिया गया था और उन्हें इसके अंदर शराब होने की जानकारी नहीं थी. ड्राइवर ने बताया कि उन्हें सिर्फ पटना में यह पार्सल डिलीवर करने का निर्देश मिला था. हालांकि, पुलिस इस थ्योरी को संदिग्ध मान रही है और इन सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है.

जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब उस मुख्य सरगना की तलाश में छापेमारी कर रही है जिसने रांची से यह खेप भेजी थी और जिसे पटना में इसकी डिलीवरी लेनी थी. इस घटना ने एक बार फिर परिवहन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Uttarakhand Madarsa Board होगा खत्म, CM Dhami ने विधानसभा में किया था ऐलान | Breaking