अपराधियों ने 'अमीर' समझकर की थी डॉक्टर की हत्या, दो टुकड़े कर जला दिया था शव; पुलिस ने और क्या-क्या बताया?

बिहार में डॉ. आलोक मिस्त्री की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है.

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  • बिहार के रोह थाना क्षेत्र के कोशी गांव में 22 जनवरी को डॉ. अशोक मिस्त्री की हत्या कर शव को जला दिया गया था
  • पुलिस ने इस मामले में नौ आरोपियों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी टिंकू अभी फरार है
  • जांच में पता चला कि हत्या पैसों के लालच में हुई थी और मृतक के बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर निकाली गई थी
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नवादा:

बिहार में डॉ. अशोक मिस्त्री की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलास किया है. पुलिस ने बताया कि डॉ. मिस्त्री की हत्या पैसों के लिए हुई थी. इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है. हालांकि, इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी और जमुई का हिस्ट्रीशीटर टिंकू अब भी फरार है.

एसपी अभिनव धीमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 22 जनवरी को रोह थाना क्षेत्र के कोशी गांव में अशोक मिस्त्री की हत्या कर शव को जला दिया गया था. अशोक मिस्त्री की पत्नी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था. उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई थी. डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम की मदद से जांच आगे बढ़ी और 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.

जांच के दौरान सामने आया कि अशोक मिस्त्री के बैंक खाते से कुछ रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई थी और बाद में इसे निकाल लिया गया. तकनीकि विश्लेषण और डिजिटल सबूतों के आधार पर इस पूरे लेन-देने में शामिल लोगों की पहचान की गई और इस आधार पर 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

पैसों के लालच में हुई हत्या

जांच में यह साफ हुआ कि हत्या पैसों के लालच में की गई. मुख्य आरोपी आलोक कुमार मृतक के ही गांव का निवासी है. आलोक, टिंकू और तबरेज पिछले साल एक साथ जेल में थे. आलोक और तबरेज पहले रिहा हुए, जबकि टिंकू जेल से छूटने के बाद अपने घर न जाकर आलोक के घर पहुंच गया. वहीं रहकर टिंकू, आलोक और एक नाबालिग ने अशोक मिस्त्री की हत्या कर लूट की योजना बनाई. मौका पाकर तीनों ने एक झोपड़ी के पास अशोक को घेर लिया और उनकी हत्या कर दी. इसके बाद सबूत मिटाने के मकसद से शव पर डीजल डालकर आग लगा दी गई और उनका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए. अगले दिन उनके मोबाइल फोन से बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए.

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दरियादिली बनी जानलेवा

जानकारी के अनुसार अशोक मिस्त्री अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में मददगार के रूप में जाने जाते थे. वे सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सहयोग करते थे और जरूरतमंदों की आर्थिक सहायता भी करते थे. घटना के दिन वे पड़ोसी गांव में बच्चों को मुफ्त कॉपी-किताब बांटने जा रहे थे. दुर्भाग्यवश, अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी और उनके साथ मौजूद कॉपी-किताबें भी जला दीं.

कौन-कौन हुए गिरफ्तार?

पुलिस ने बताया कि इस मामले में मोहम्मद तबरेज आलम, आदर्श कुमार, रिकी पटेल, दीपक कुमार, रजनीश सिंह, प्रदुम कुमार, रोहित कुमार, शिवम कुमार और आलोक कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनके अलावा एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है. हत्या में शामिल हिस्ट्रीशीटर टिंकू अब भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.

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क्या है पूरा मामला

22 जनवरी की रात रोह के कोशी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. 23 जनवरी को गांव से करीब 500 मीटर दूर खेत में एक अधजला और क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान गोड़ीहारी निवासी 45 वर्षीय ग्रामीण चिकित्सक अशोक मिस्त्री के रूप में हुई. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष रंजन कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की.

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