- CM नीतीश ने आज बख्तियारपुर में निर्माणाधीन ROB का निरीक्षण कर अधिकारियों को काम जल्दी पूरा करने की चेतावनी दी.
- करजान-ताजपुर फोरलेन प्रोजेक्ट का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था, जिसे कई बार डेडलाइन बढ़ाया जा चुका है.
- इस प्रोजेक्ट की लागत 1604 करोड़ से बढ़कर 3923 करोड़ रुपए हो चुकी है, लेकिन अभी तक स्लैब भी नहीं रखा गया है.
बिहार से राज्यसभा के लिए नामांकन कर चुके सीएम नीतीश कुमार शनिवार को बख्तियारपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के पास निर्माणाधीन ROB का निरीक्षण करते दिखे. इस दौरान सीएम के साथ आला अधिकारी भी मौजूद थे. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अधिकारियों को काम की सुस्ती को लेकर चेतावनी भी दी. सीएम नीतीश ने कहा कि बार-बार कहते है कि काम जल्दी पूरा करिए. सीएम के ऐसा कहने पर अधिकारी हाथ जोड़कर कहते दिखे कि सर एक महीना में पूरा कर देंगे. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 'देश का नेता कैसा हो, नीतीश कुमार जैसा हो' के नारे भी लगाए.
बख्तियारपुर में सीएम ने विकास कार्यों का लिया जायजा
दरअसल शुक्रवार को बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का सूत्रपात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के नामांकन भरा. नीतीश के राज्यसभा जाने का मतलब है कि बिहार से एक युग की समाप्ति. नीतीश के राज्यसभा जाने पर मचे हायतौबा के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री बख्तियारपुर स्थित इंजिनियरिंग कॉलेज, इंजिनियरिंग कॉलेज के लिए बनाए जा रहे ROB और करजान-ताजपुर पुल का निरीक्षण किया.
ROB का निरीक्षण करते नीतीश कुमार.
बख्तियापुर में सीएम अधिकारियों को लगाई फटकार
उन्होंने बख्तियारपुर में अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि आरओबी का अधूरा काम जल्द पूरा कीजिए, जिसपर अधिकारियों ने हाथ जोड़कर एक महीने में काम पूरा करने की बात कही. वहीं करजान-ताजपुर फोरलेन का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. सुरक्षा अधिकारी तब हैरान रह गए जब मुख्यमंत्री अचानक जनता से मिलने के लिए लोगों के बीच पहुंच गए.
अथमगोला में आम लोगों से मिले सीएम, कही ये बात
अथमलगोला में मुख्यमंत्री ने जनता से कहा कि जब इस पुल का निर्माण हो जाएगा तो इधर से उधर आने जाने में सब तरह से लोगों को सुविधा होगी. यह हम बहुत पहले से किए हुए है. कितनी बार निरीक्षण कर चुके हैं और आज भी देखने आए है. करजान ताजपुर प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है. यहां वे अन्य अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश करते भी दिखे.
स्थानीय लोग और अधिकारियों के बीच सीएम नीतीश कुमार.
सीएम कई बार इस पथ का कर चुके निरीक्षण
दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट ताजपुर-करजान पथ अब तक कई डेडलाइन मिस कर चुका है. अब नया डेडलाइन 2027 का दिया गया है. अधिकारी 62 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है. पथ निर्माण विभाग ने भी कर बार निर्माण कंपनी को प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने की हिदायत दी थी.
2011 से करजान-ताजपुर प्रोजेक्ट पर हो रहा काम
नवयुगा कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 2011 में करजान ताजपुर प्रोजेक्ट शुरू किया था. कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को 2016 तक पूरा करने का डेडलाइन दिया था. इस दौरान चार बार पुल निर्माण की अवधि बढ़ाई जा चुकी है, पहले मई 2016, फिर 2018, मार्च 2020 और अब मई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है. लेकिन कई बार प्रोजेक्ट निर्माण के दौरान स्लैब गिर जाने और आर्थिक परेशानियों के कारण प्रोजेक्ट में विलंब होता गया.
1604 करोड़ रुपए से बढ़कर 3923 करोड़ हो चुकी लागत राशि
गंगा नदी पर करीब साढ़े पांच किलोमीटर के क्षेत्र में पुल बनना है, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी आजतक पिलर के ऊपर स्लैब तक नहीं रखा गया है. इस दौरान प्रोजेक्ट की लागत 1604 करोड़ रुपए से बढ़कर 3923 करोड़ से अधिक हो गई, लेकिन प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार से अभी भी प्रोजेक्ट 2027 तक पूरे होने की उम्मीद कम ही नजर आती है.
पुल बनने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार का संपर्क बढ़ेगा
इस पथ की कुल लंबाई 51.26 किलोमीटर है. गंगा नदी पर 5.51 किलोमीटर पुल के साथ 45.75 किलोमीटर सड़क मार्ग का भी निर्माण होना है. इस प्रोजेक्ट के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु एवं राजेंद्र सेतु पर यातायात का बोझ कम होगा और उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार जाने वालों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी.
(बाढ़ से गोविंद कुमार की रिपोर्ट)
यह भी पढ़ें - आखिर नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए कैसे माने? इनसाइड स्टोरी जानिए














