Bihar: साइबर फ्रॉड के 15 लाख नहीं बांटे तो साथियों ने पांच साल के बेटे का मर्डर कर लिया बदला

बिहार के शेखपुरा में साइबर फ्रॉड के 15 लाख रुपये के विवाद में 5 साल के मासूम दीपांशु का अपहरण कर हत्या कर दी गई. पुलिस ने नवादा की पहाड़ी से शव बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. रंजन कुमार

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
साइबर फ्रॉड के 15 लाख रुपये के विवाद में 5 साल के मासूम दीपांशु का अपहरण कर हत्या कर दी गई.

Bihar News: बिहार के शेखपुरा जिला अंतर्गत कसार थाना के बरसा गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां बीते 7 मई की शाम को घर के बाहर खेलने के दौरान 5 वर्षीय मासूम दीपांशु कुमार रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था. दो दिनों तक काफी खोजबीन करने के बाद भी जब बच्चे का कुछ पता नहीं चला तो पीड़ित पिता कन्हैया पंडित ने 9 मई को कसार थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया. इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने जब छानबीन शुरू की तो इस पूरे मामले में साइबर ठगी का एक खौफनाक एंगल सामने आया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया.

15 लाख रुपये का विवाद 

अपहरण के नौ दिनों बाद पुलिस ने नवादा जिले के कौआकोल स्थित सुम्भा (सुकमा) पहाड़ी की खोह से मासूम दीपांशु का क्षत-विक्षत शव और उसके कपड़े बरामद किए हैं. पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि मृतक के पिता के बैंक खाते में साइबर फ्रॉड के लगभग 15 लाख रुपये आए थे.

इसी मोटी रकम के बंटवारे को लेकर आरोपियों का कन्हैया पंडित से विवाद चल रहा था. इस पूरे हत्याकांड का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि अगर पीड़ित पिता ने समय रहते पुलिस को पूरी सच्चाई बता दी होती तो शायद आज उसका मासूम बच्चा जिंदा होता.

चार आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एसआईटी (SIT) का गठन किया और बरसा गांव से चार मुख्य आरोपियों संतोष मांझी, प्रदीप मांझी, अजीत मांझी और संदीप मांझी को धर-दबोचा. गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर ही पुलिस पहाड़ी की खोह तक पहुंची और शव के अवशेष बरामद किए. इस वारदात में कुल सात लोग शामिल थे जिनमें से चार सलाखों के पीछे हैं और बाकी तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.

Advertisement

पहाड़ी पर मिला मासूम का शव

शेखपुरा एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने बताया कि "साइबर अपराध से अर्जित राशि, जो कि कुल लगभग 15 लाख रुपये थी, वह इस कांड में कन्हैया पंडित के अकाउंट में गई हुई थी. उसी राशि की मांग सुदामा मांझी एवं अन्य अभियुक्तों द्वारा कन्हैया पंडित से बार-बार की जाती थी, मगर कन्हैया पंडित द्वारा उन लोगों को वह राशि नहीं दी गई. इसी आक्रोश में उन्होंने कन्हैया पंडित के पांच वर्षीय पुत्र दीपांशु कुमार को अगवा किया और उसकी हत्या उसी दिन 7 तारीख को ही करके, नवादा जिला के कौआकोल थाना अंतर्गत सुकमा पहाड़ी पर ले जाकर उसकी डेड बॉडी को फेंक दिया.

हमारी टीम द्वारा इसमें कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में अजीत मांझी और संदीप मांझी द्वारा बताया गया कि बच्चे की पैसे के विवाद को लेकर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी. अभियुक्तों की निशानदेही पर सुकमा पहाड़ी से बच्चे के कपड़े और शव के अवशेष बरामद किए गए हैं. इस मामले में कुल सात लोग शामिल हैं, जिनमें से चार की गिरफ्तारी हो गई है और बाकी तीन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है."

Advertisement

यह भी पढ़ें- अजमेर: मुंबई की महिला वकील से शादी का झांसा देकर जबरन दुष्कर्म, विरोध करने पर 5 साल की मासूम बेटी को पीटा

Featured Video Of The Day
'मिलने आओ, पेपर...' Lucknow University के प्रोफेसर की गंदी करतूत, ऑडियो वायरल होने पर पुलिस ने दबोचा