यूट्यूब देखकर डिलीवरी कर रहा था झोलाछाप डॉक्टर, महिला की मौत, ऑपरेशन थियेटर का था मंजर खौफनाक

कहलगांव थाना क्षेत्र के एकचारी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित डॉक्टर ने मोबाइल पर यूट्यूब वीडियो देखकर एक महिला का ऑपरेशन कर डाला.

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  • कहलगांव थाना क्षेत्र के एकचारी गांव में झोलाछाप डॉक्टर ने यूट्यूब वीडियो देखकर महिला का ऑपरेशन किया था
  • स्वाति देवी को निजी क्लीनिक में सिजेरियन ऑपरेशन के लिए ३० हजार रुपये में भर्ती कराया गया था
  • ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और सहयोगी मोबाइल पर वीडियो देखकर तकनीक समझने की कोशिश कर रहे थे
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भागलपुर:

स्वास्थ्य व्यवस्था की जर्जर हकीकत और झोलाछाप डॉक्टरों के बढ़ते हौसले ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है. कहलगांव थाना क्षेत्र के एकचारी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित डॉक्टर ने मोबाइल पर यूट्यूब वीडियो देखकर एक महिला का ऑपरेशन कर डाला. इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि 31 वर्षीय स्वाति देवी की मौत हो गई.

क्या है पूरा मामला?

गुरुवार की रात जब स्वाति देवी को प्रसव पीड़ा हुई, तो उनकी मां सुषमा देवी उन्हें श्रीमठ स्थान स्थित एक निजी क्लीनिक ले गईं. वहां रंजीत मंडल नामक व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताते हुए तुरंत ऑपरेशन (सिजेरियन) की सलाह दी. परिजनों के अनुसार, इस काम के लिए 30 हजार रुपये का सौदा तय हुआ.

ओटी (OT) के भीतर का खौफनाक सच

परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि जब स्वाति ऑपरेशन थिएटर के अंदर थी, तब तथाकथित डॉक्टर और उसके सहयोगी मोबाइल पर यूट्यूब वीडियो देख रहे थे. वे वीडियो को बार-बार 'रिपीट' करके ऑपरेशन की तकनीक समझने की कोशिश कर रहे थे. इसी अनाड़ीपन और आपाधापी में स्वाति का शरीर अत्यधिक रक्तस्राव नहीं झेल पाया और उसकी मौत हो गई.

मौत के बाद भी धोखाधड़ी

जब स्वाति की जान चली गई, तब भी डॉक्टर ने अपनी इंसानियत नहीं दिखाई. परिजनों को गुमराह करते हुए उसने कहा कि "मरीज की हालत गंभीर है, इसे कहीं और ले जाइए." इसके तुरंत बाद वह क्लीनिक में ताला लगाकर फरार हो गया. इस पूरी घटना में एकमात्र सुखद पहलू यह रहा कि नवजात शिशु को सुरक्षित बचा लिया गया है.

सिस्टम पर उठते गंभीर सवाल

मृतका की दादी संजु देवी ने बताया कि गांव की ही एक आशा कर्मी ने उन्हें इस अवैध क्लीनिक का रास्ता दिखाया था. सवाल उठता है कि क्या सरकारी तंत्र से जुड़े लोग ही इन झोलाछाप सेंटरों के 'एजेंट' के रूप में काम कर रहे हैं? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्लीनिक अमोद साह के मकान में वर्षों से चल रहा है. पहले भी कई मामले हुए, जिन्हें रसूख के दम पर दबा दिया गया. मृतका के पति रोशन साह झारखंड में मजदूरी करते हैं.

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शव को क्लीनिक के बाहर रखकर प्रदर्शन किया. सूचना मिलते ही रसलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

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