औरंगाबाद में वट सावित्री पूजा के दिन यानी 16 मई को अद्विक गुम हो गया था. पुलिस ने 4 साल के अद्विक को खोजने के लिए पूरी ताकत झोंक दी. सीसीटीवी खंगालने के बाद एक महिला को देखा गया कि अद्विक को लेकर वह जा रही है. वह महिला ट्रेन से गया चली गई. पुलिस और RPF की संयुक्त टीम ने महिला को ट्रैक कर अद्विक को गया से ढूंढ निकाला. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस जब अद्विक को ढूंढ रही थी और जब गिरोह का पर्दाफाश कर रही थी, तो इस दौरान अद्विक के साथ एक और दूसरा बच्चा मिला. यह बच्चा शिवम था जो साल 2022 यानी 4 साल पहले वट सावित्री पूजा के दिन ही गायब हुआ था.
वट सावित्री पूजा के दिन 2022 में ओबरा देवी मंदिर से गायब हुए 8 वर्षीय शिवम पाण्डेय को औरंगाबाद पुलिस ने 4 साल बाद आज 20 मई 2026 को सकुशल बरामद कर परिवार को सौंप दिया.
4 साल पुराना मामला
ओबरा निवासी अनूप पांडेय के पुत्र शिवम 2022 में वट सावित्री पूजा के दिन ओबरा देवी मंदिर से लापता हो गए थे. चार साल तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला था. वहीं परिजनों ने उम्मीद छोड़ दी थी कि शिवम अब उन्हें मिल पाएगा. लेकिन पुलिस जब अद्विक को खोजने निकली तो उन्हें शिवम भी मिल गया.
अद्विक केस से खुला राज
16 मई 2026 को ओबरा देवी मंदिर से ही अपहृत अद्विक परासर की बरामदगी के दौरान पुलिस को दो अन्य बच्चे भी मिले थे. जांच में पता चला कि उनमें से एक शिवम पाण्डेय है, जो 4 साल पहले इसी मंदिर से गायब हुआ था. बच्चा चोर गिरोह ने उसे गया में रखा था.
मगध प्रक्षेत्र के IG विकास वैभव के निर्देश पर दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास की एसआईटी ने आदविक केस का उद्भेदन करते हुए गया के खरखुरा रोड से रंजू देवी को गिरफ्तार किया था. उसी छापेमारी में शिवम समेत 3 बच्चे बरामद हुए. DNA वेरिफिकेशन और परिजनों की पहचान के बाद आज शिवम को सुपुर्द किया गया. वहीं 4 साल बाद बेटे को देखकर अनूप पांडेय का परिवार भावुक हो गया.
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