Aurangabad News: मां बनना किसी भी महिला के जीवन की सबसे बड़ी खुशी माना जाता है. कहते हैं कि संतान को जन्म देकर एक औरत खुद नया जन्म लेती है. लेकिन इसी ममता और खुशी को पाने के लिए अगर कोई महिला अपराधी बन जाए और दूसरी मां की गोद सूनी कर दे, तो वह दर्द असहनीय हो जाता है. ऐसा ही एक झकझोर देने वाला मामला औरंगाबाद में सामने आया है. यहां समाज के तानों और बांझपन के कलंक से तंग आकर एक महिला ने खौफनाक रास्ता चुन लिया. उसने अपनी चाहत पूरी करने के लिए वट सावित्री के दिन, मंदिर से एक मा के लाड़ले का अपहरण कर लिया. हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से इस दर्दनाक कहानी का अंत हुआ. रिपोर्ट दर्ज होने के महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने न सिर्फ ताजा मामले को सुलझाया, बल्कि उस मासूम (शिवम) को भी बरामद कर लिया जो चार साल पहले वही से गायब हुआ था.
अद्विक के साथ मिला चार साल पहले गायब हुआ शिवम
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि वट सावित्री पूजा के दिन ओबरा देवी मंदिर से 4 वर्षीय अद्विक का अपहरण हुआ था. जिसे गया जिले के डेल्हा थाना क्षेत्र स्थित खरखुरा मौहल्ले से सकुशल बरामद कर लिया है. जिसमें एक महिला आरोपी रंजू देवी और उसका पति और बहन को भी गिरफ्तार किया है.
मां कहलाने की चाहत में रची साजिश
ओबरा थानाध्यक्ष नीतीश कुमार के अनुसार, मुख्य आरोपी रंजू देवी ने पूछताछ में बताया कि नि:संतान होने के कारण उसे समाज के ताने और भारी अपमान सहना पड़ता था. मानसिक दबाव से बचने और मां कहलाने की चाहत में उसने साजिश रची.
दोहरा अपहरण, एक ही तरीका
पहला अपहरण - शिवम पांडेय: 4 साल पहले वट सावित्री पूजा पर ओबरा देवी मंदिर के पास से अनूप पांडेय के बेटे शिवम को अगवा किया गया था.अपने पास रखकर उसका लालन-पालन किया. स्कूल में नाम भी लिखवा दिया था.
2. दूसरा अपहरण - अद्विक: बेटी की चाह में इस बार फिर वट सावित्री पूजा पर ओबरा देवी मंदिर पहुंची. सुधीर प्रसाद के 4 साल के बेटे अद्विक के लंबे बाल देखकर उसे लड़का समझकर अगवा कर लिया.बाद में लड़का होने का पता चला तो भी वापस करने के बजाय अपने पास ही पालने का निर्णय लिया.
पति और बहन भी शामिल
पुलिस जांच में सामने आया कि रंजू की इस करतूत में उसका पति रवींद्र प्रसाद और बहन मंजू देवी भी सहयोगी थे. फिलहाल पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस ने तीनों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
कैसे हुआ भंडाफोड़
16 मई को अद्विक के अपहरण के बाद मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव के संज्ञान लेने पर पुलिस सक्रिय हुई. 48 घंटे में गया जिले के खरखुरा मुहल्ले में छापेमारी कर अद्विक को बरामद किया गया. वहीं दूसरा बच्चा शिवम पांडेय भी मिला.














