मोकामा विधायक और जेडीयू नेता अनंत सिंह जब से जेल से निकले हैं नए अंदाज में दिख रहे हैं. वहीं वह अपने बयानों को लेकर काफी चर्चाओं में रहते हैं. हालांकि कभी-कभी अनंत सिंह के कुछ बयान ऐसे हैं जो एक जनप्रतिनिधि के तौर पर और राज्य के नेता-मंत्री के तौर पर बड़े सवाल खड़े करते हैं. हाल ही में विधायक अनंत सिंह को सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति सदस्य बनाया है. हालांकि इस बारे में अनंत सिंह से पूछे जाने पर उनका जवाब अब वायरल हो रहा है.
मोकामा विधायक अनंत सिंह के इन दिनों एक बयान की खूब चर्चा हो रहे हैं. वे अपने पैतृक गांव नदावां में बिहार केसरी विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर कुश्ती के आयोजन में लगे हैं.
मिले हुए पद के बारे में नहीं जानते हैं अनंत सिंह
इसी कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार ने उनसे पर्यावरण समिति के सदस्य बनाने पर सवाल पूछा, तब उन्होंने बहुत ही मासूमियत से कहा कि 'ई सब तो हम जानबौ नैय करते हैं का है?'. उनके इस जवाब पर तालियां तो बजती है लेकिन आगे पत्रकार भी चुप हो जाते हैं और विधायक जी भी चुप्पी साध लेते हैं.
उनके जवाब पर सवाल यह है कि अनंत सिंह पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण समिति में भला करेंगे क्या? जब इतने भारी भरकम शब्द सुनकर ही वे चुप्पी साध लेते हैं, तब इन तमाम सरकारी कमिटियां बनाने का सरकार का लक्ष्य भी स्पष्ट हो जाता है.
केवल सुविधाओं के लिए दिया जाता है माननीयों को पद
दरअसल, इन माननीयों को उपकृत करने वाले पद केवल ऐसे लोगों को सरकारी सुविधा देने का दिखावा मात्र है. इससे साफ है कि बिहार सरकार इन कमिटी के कार्यों के लिए न ही समर्पित है और न ही पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए कुछ करना ही चाहती है. विधानसभा में विधायी कार्यों में तेजी लाने के लिए 19 संसदीय समितियों का गठन किया गया है. लेकिन सदस्यों का जवाब ही पूरी कमिटी के काम पर सवाल खड़े कर रहा है.














