Bihar News: बेऊर जेल से 4 महीने बाद रिहा होकर मोकामा विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) जब अपने क्षेत्र की जनता के बीच निकले, तो नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था. सुबह 9 बजे पटना स्थित आवास से शुरू हुआ यह सफर इतना भव्य था कि 100 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियों का काफिला सड़कों पर रेंगता नजर आया. अथमलगोला के सबनीमा गांव से लेकर बाढ़ के एसबीआर चौराहे और भुवनेश्वरी चौक तक समर्थकों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि विधायक को अपनी लैंड क्रूजर गाड़ी से 90 से भी ज्यादा बार नीचे उतरना पड़ा.
कुलदेवी के दरबार में टेका मत्था
अनंत सिंह जब अपने पैतृक गांव नदावां पहुंचे, तो गांव ढोल-नगाड़ों और पटाखों की गूंज से दहल उठा. गांव वाले अपने नेता की एक झलक पाने को बेताब थे. अनंत सिंह सबसे पहले अपनी कुलदेवी मां ब्राह्मणी के स्थान पहुंचे. यहां एक दिलचस्प वाकया हुआ. विधायक ने मंदिर के भीतर प्रवेश नहीं किया, बल्कि बाहर से ही पंडित जी ने उनकी विशेष पूजा संपन्न कराई.
पुजारी ने 'दक्षिणा' में मांग लिया मंदिर
पूजा के दौरान ही मंदिर के पुजारी ने विधायक से गांव में एक 'शिवाला' (शिव मंदिर) बनाने की मांग रख दी. इस पर अनंत सिंह ने भी तुरंत दिल जीत लेने वाला जवाब दिया. उन्होंने पुजारी से कहा, 'अगली बार जब मंदिर आऊंगा तो बताइएगा, शिवाला बनवा दिया जाएगा.' महादेव के मंदिर का यह संकल्प सुनते ही समर्थकों ने जयकारे लगाने शुरू कर दिए.
लोगों की समस्या का किया समाधान
पंडारक में मुकेश सिंह के नेतृत्व में भव्य स्वागत स्वीकार करने और सूर्य मंदिर में मत्था टेकने के बाद विधायक का काफिला मोकामा के परशुराम मंदिर पहुंचा. यहां पूजा के बाद वे बड़हिया के लिए रवाना हुए. पूरे रास्ते भर अनंत सिंह 'जनता दर्शन' के मूड में दिखे. उन्होंने न सिर्फ लोगों की समस्याओं को सुना, बल्कि कई शिकायतों का 'ऑनस्पॉट' समाधान भी किया.
90 बार उतरकर स्वीकार किया अभिनंदन
विधायक ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि जनता के प्यार की वजह से उन्हें बार-बार गाड़ी से उतरना पड़ रहा है. पटना से मोकामा की दूरी तय करने के दौरान वे 90 से ज्यादा बार नीचे उतरे और फूल-मालाओं के साथ समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया. रोड शो का समापन बड़हिया महारानी स्थान में पूजा और डुमरा गांव में भव्य भोज के साथ हुआ.
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