छात्रों की मांग लेकर जन सुराज का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा, राज्यपाल ने की प्रशांत किशोर से अनशन तोड़ने की अपील

जन सुराज के अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को मुद्दे के बारे में पूरी जानकारी दी. राजभवन से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैंने छात्रों के आंदोलन से संबंधित सारी बातों से राज्यपाल को अवगत कराया.

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पटना:

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बिहार में बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांगों को लेकर 2 जनवरी से आमरण अनशन पर हैं. इस बीच, पार्टी का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिला और एक ज्ञापन सौंपा.

जन सुराज के अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को मुद्दे के बारे में पूरी जानकारी दी. राजभवन से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, "मैंने छात्रों के आंदोलन से संबंधित सारी बातों से राज्यपाल को अवगत कराया. उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना और हमारे ज्ञापन को शुरू से अंत तक अच्छे से पढ़ा. राज्यपाल ने हमसे सबसे पहला सवाल किया कि प्रशांत किशोर की तबीयत कैसी है. हमने उन्हें बताया कि वह आईसीयू में थे और अभी उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है. लेकिन, उनका अनशन जारी है. यह सुनने के बाद राज्यपाल ने प्रशांत किशोर से अनशन तोड़ने की अपील की."

मनोज भारती ने कहा कि जहां तक मांगों का सवाल था, उस पर राज्यपाल ने कहा कि ये मांगे जायज लगती हैं और छात्रों के शिष्टमंडल को मुख्यमंत्री से मिलवाया जा सकता है.

इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी अध्यक्ष मनोज भारती के अलावा किशोर कुमार, सरवर अली, सीताराम यादव, ललन यादव, एन.पी. मंडल, अरविंद सिंह भी शामिल थे.

उल्लेखनीय है कि 6 जनवरी को पुलिस ने प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां शाम को जमानत मिल गई थी.

प्रशांत किशोर की तबीयत 7 जनवरी की सुबह अचानक बिगड़ गई. उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल वह अस्पताल में इलाजरत हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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