PM E-DRIVE Scheme: अगर आप आने वाले कुछ समय में ईवी लेने का प्लान कर रहे थे तो आपके लिए एक खुशखबरी आई है. दरअसल देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपनी पॉपुलर स्कीम पीएम ई-ड्राइव (PM Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement) योजना में दी जा रही सब्सिडी की समय सीमा बढ़ा दी है, सरकार का ये कदम आम नागरिकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है.
क्या है नई डेडलाइन?
उद्योग मंत्रालय ने सब्सिडी के नियमों में बदलाव किया है. अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वाले ग्राहक 31 जुलाई 2026 तक सब्सिडी का फायदा उठा सकते हैं. वहीं, ई-रिक्शा और ई-कार्ट सहित इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए ये समय सीमा 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है. हालांकि, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के L5 कैटेगरी के लिए टारगेट पूरा होने की वजह से इसे दिसंबर 2025 में बंद कर दिया था.
खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब?
समय सीमा बढ़ाने का सीधा फायदा उन लोगों को होगा जो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं. सब्सिडी की वजह से वाहनों की ऑन-रोड कीमत कम हो जाती है, जिससे मिडिल क्लास के लिए ईवी खरीदना आसान हो जाता है. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए सब्सिडी 2,500 रुपये प्रति kWh तय की गई है, जिसकी अधिकतम सीमा 5 हजार रुपये प्रति वाहन है. हालांकि इसमें प्राइस कैप भी है. सब्सिडी का फायदा केवल उन्हीं वाहनों पर मिलेगा जिनकी एक्स-शोरूम कीमत फिक्स की हुई लिमिट के अंदर है. टू-व्हीलर के लिए ये सीमा 1.5 लाख रुपये और थ्री-व्हीलर के लिए 2.5 लाख रुपये रखी गई है.
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
सरकार केवल वाहनों की खरीद पर ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढांचे पर भी फोकस कर रही है. इस योजना के जरिए देशभर में पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाने के लिए बड़ा निवेश किया जा रहा है. इससे ईवी मालिकों का बैटरी खत्म होने का डर कम होगा और लोग लंबी दूरी के लिए भी इलेक्ट्रिक वाहनों पर भरोसा कर पाएंगे.














