Toll को लेकर अब एक और नया नियम सामने आया है और इसके अनुसार अगर आपकी गाड़ी पर Toll Tax बकाया है, तो अब सिर्फ जुर्माना ही नहीं बल्कि कई जरूरी सरकारी सेवाएं भी रुक सकती हैं. भारत सरकार ने मोटर व्हीकल नियमों में बदलाव करते हुए Central Motor Vehicle Rules (Second Amendment) 2026 को लागू करने का फैसला किया है. इस नए नियम के तहत जिन वाहनों पर टोल शुल्क बकाया रहेगा, उन्हें NOC, फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जैसी अहम सुविधाएं नहीं मिलेंगी.
Form 28 और NOC का कनेक्शन
Form 28 एक बेहद जरूरी दस्तावेज है, जो किसी भी वाहन को एक राज्य या जिले से दूसरे राज्य या जिले में ट्रांसफर करने के लिए चाहिए होता है. यह फॉर्म इस बात की पुष्टि करता है कि वाहन पर कोई कानूनी मामला या बकाया राशि नहीं है. नए नियमों के अनुसार, अगर आपके वाहन पर कोई भी टोल शुल्क बकाया है, तो आपको Form 28 के आधार पर मिलने वाला No Objection Certificate (NOC) जारी नहीं किया जाएगा. इसका मतलब साफ है कि बिना टोल क्लियर किए आप गाड़ी ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे.
फिटनेस सर्टिफिकेट
नए नियमों का असर सिर्फ निजी वाहनों तक सीमित नहीं है. जिन वाहनों पर टोल बकाया रहेगा, वे अपने Certificate of Fitness को न तो रिन्यू करा पाएंगे और न ही नया फिटनेस सर्टिफिकेट हासिल कर सकेंगे. फिटनेस सर्टिफिकेट खासतौर पर पुराने और कमर्शियल वाहनों के लिए अनिवार्य होता है, ऐसे में यह नियम ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी सीधा प्रभाव डालेगा.
नेशनल परमिट
कमर्शियल वाहनों के लिए सरकार ने नियम और सख्त कर दिए हैं. अब अगर कोई वाहन National Permit के लिए आवेदन करता है, तो यह अनिवार्य होगा कि उस वाहन के खिलाफ कोई भी टोल बकाया न हो. यानी ट्रक, बस और अन्य कमर्शियल वाहन बिना टोल भुगतान के देशभर में संचालन की अनुमति नहीं पा सकेंगे.
Toll के 'Unpaid User Fee'
Unpaid User Fee का मतलब है वह टोल शुल्क, जो किसी राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्से से वाहन के गुजरने पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम यानी FASTag के जरिए दर्ज तो हो गया, लेकिन National Highways Act, 1956 के तहत तय समय में जमा नहीं किया गया. ऐसे मामलों में अब वाहन मालिक को सीधे तौर पर सरकारी सेवाओं से वंचित किया जा सकता है.














