भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए साल 2026 नई खुशियां लेकर आया है. आईसीआरए (ICRA) की रिपोर्ट के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2026 में पैसेंजर व्हीकल की सेल 5 से 7% की बढ़ोतरी होने का अनुमान है. इसकी वजह बजट में जीएसटी दरों में हुई कटौती और नए मॉडल्स को माना जा रहा है.
भारतीय ऑटो सेक्टर की छलांग
रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 में गाड़ियों की थोक बिक्री में 14% की क्रमिक वृद्धि देखी गई है. इन आंकड़ों से पता चलता है कि ऑटो सेक्टर नए सुधार की वजह से एक बार फि छलांग मारने को तैयार है. इससे देश की अर्थव्यवस्था और ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है.
india passenger vehicle sales
जनवरी में पैसेंजर व्हीकल की थोक बिक्री 12% बढ़कर 45 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई. वहीं, खुदरा बिक्री में भी 7% का इजाफा दर्ज किया गया. कंपनियों ने लोकल डिमांड को पूरा करने के लिए प्रोडक्शन बढ़ा दिया है. इस तेजी के पीछे शादी का सीजन के साथ भारतीय त्योहारों का बड़ा हाथ रहा है.
दोपहिया वाहनों का जलवा
सिर्फ कारें ही नहीं बल्कि टू व्हीलर्स भी सेल में कमाल कर रहे हैं. घरेलू दोपहिया बाजार में जनवरी के दौरान सलाना आधार पर 25% की बड़ी ग्रोथ हासिल की है. नतीजन सेल का आंकड़ा 18 लाख यूनिट तक पहुंच गया.एक्सपर्ट का मानना है कि गांव के लोगों की इनकम बढ़ी है और शहर में मिडिल क्लास खर्च करने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे इस सेगमेंट को बूस्ट मिला है.
EV सेगमेंट में 25% की ग्रोथ
देश में बढ़ती पॉल्यूशन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोग ईवी की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं. आंकड़ों की बात करें तो जनवरी 2026 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 1,23,012 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 25.3% ज्यादा है.
क्यों बनी रहेगी डिमांड?
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 के आखिर तक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 6-9% का इजाफा होने की उम्मीद है. क्योंकि जीएसटी 2.0 के बाद टैक्स कम होने से गाड़ियों की ऑन-रोड कीमत में कमी आई है. अच्छे मानसून और फसल की बेहतर कीमतों की वजह से ग्रामिणों की इनकम बढ़ी है, जिससे नई डिमांड पैदा हो रही है. गांवों में मांग बढ़ी है. साथ ही ग्राहकों की पसंद में भी बदलाव आया है. वो अब एंट्री-लेवल से हटकर प्रीमियम और फीचर से भरपूर गाड़ियों की ओर जा रहे हैं.














