Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति हिंदू धर्म के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है. पंचांग के अनुसार, इस बार यह महापर्व (Makar Sankranti 2026) 14 जनवरी, 2026 को है. इसी दिन एकादशी भी पड़ रही है. ऐसे में लोगों के मन में बड़ा कन्फ्यूजन आ रहा है कि चावल या खिचड़ी का दान कैसे करें. दरअसल, मकर संक्रांति पर चावल और खिचड़ी का दान बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन एकादशी के दिन नहीं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस बार मकर संक्रांति पर चावल या खिचड़ी का दान करें या नहीं. इसका जवाब इंस्टाग्राम हैंडल sakshi_fotology पर शेयर किए गए एक वीडियो में पंडित चतुर नारायण जी ने दिया है.
यह भी पढ़ें: Lohri Upay: लोहड़ी पर कर लें ये 4 आसान उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत, दूर होंगी आर्थिक समस्याएंएकादशी और अन्न दान का नियम क्या है?पंडित चतुर नारायण जी के अनुसार, एकादशी तिथि पर अन्न का सेवन, अन्न को छूना और अन्न का दान, तीनों की ही मनाही है यानी ये वर्जित माने जाते हैं. इसका सीधा मतलब है कि एकादशी के दिन चावल नहीं खाना चाहिए, चावल को छूना भी नहीं चाहिए और सबसे अहम चावल या खिचड़ी का दान नहीं करना चाहिए. यही वजह है कि इस बार मकर संक्रांति पर पारंपरिक खिचड़ी दान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.
अब सवाल यह है कि जब चावल या खिचड़ी का दान नहीं करना है, तो फिर क्या दान करें. पंडित जी बताते हैं कि मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व होता है. तिल का दान, गुड़ का दान, तिल से बने लड्डू, तिल से बने अन्य पदार्थ का दान इस बार सबसे शुभ माने जाएंगे. धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति पर भगवान विष्णु को भी अक्षत (चावल) की बजाय तिल अर्पित किए जाते हैं, इसलिए एकादशी और मकर संक्रांति दोनों के नियम एक साथ निभाने का सबसे सही तरीका तिल और गुड़ का दान है.
तिल दान का धार्मिक महत्व
1. तिल को पाप नाशक माना गया है.
2. तिल दान से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं.
3. मकर संक्रांति पर तिल दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ता है.
4. मकर संक्रांति पर एकादशी पड़ने से तिल के दान से एकादशी के नियम भी नहीं टूटते यानी तिल दान से आपको दोनों पर्वों का पूरा फल मिलता है.
- चावल या खिचड़ी का दान
- अन्न से बने खाद्य पदार्थों का दान
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.














