
New Year 2026 Gift Vastu Tips: साल 2025 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और नया साल 2026 दस्तक देने को तैयार है. नए साल के पहले दिन पूरे देश में खुशियों और उम्मीदों का माहौल होता है. कोई पार्टी करता है, कोई पूजा-पाठ, तो कोई अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को गिफ्ट देकर नए साल की शुरुआत करता है. गिफ्ट देना प्यार और अपनापन जताने का सबसे खूबसूरत तरीका माना जाता है. लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार हर चीज गिफ्ट के लिए शुभ नहीं होती. कई बार अनजाने में दिया गया एक गलत तोहफा रिश्तों में खटास या सामने वाले की जिंदगी में नेगेटिव असर ला सकता है. ऐसे में जरूरी है कि नए साल जैसे शुभ मौके पर गिफ्ट चुनते वक्त थोड़ी समझदारी बरती जाए और उन चीजों से बचा जाए जो वास्तु के हिसाब से अशुभ मानी जाती हैं.
यह भी पढ़ें:- Tarot Card 2026: टैरो कार्ड भविष्यवाणी 2026, Tarot Card एक्सपर्ट से जानिए कैसा रहेगा नया साल
काले कपड़े (Black Clothes)
नया साल हो या कोई भी खुशी का मौका, काले कपड़े गिफ्ट करना शुभ नहीं माना जाता है. वास्तु के अनुसार काला रंग नेगेटिव एनर्जी से जुड़ा होता है. इसलिए अपने दोस्त या किसी खास को काले रंग के कपड़े देने से बचें ताकि रिश्तों में पॉजिटिविटी बनी रहे.
परफ्यूम (Perfume)
परफ्यूम दिखने में भले ही अच्छा और काम का गिफ्ट लगे, लेकिन वास्तु के अनुसार ये शुभ नहीं माना जाता. कहा जाता है कि जिस तरह परफ्यूम की खुशबू उड़ जाती है, उसी तरह ये सामने वाले की अच्छी किस्मत पर भी असर डाल सकता है. इसलिए नए साल पर परफ्यूम गिफ्ट करना अवॉयड करें.
घड़ी (Watch)
घड़ी एक डीसेंट और क्लासी गिफ्ट मानी जाती है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसे नए साल या शुभ मौके पर देना सही नहीं माना गया है. मान्यता है कि घड़ी समय के रुकने या रिश्तों में दूरी का संकेत बन सकती है.
पेंटिंग (Painting)
पेंटिंग गिफ्ट करते समय खास ध्यान देना जरूरी होता है. अगर पेंटिंग में उदासी, हिंसा या आक्रामक भाव दिखते हैं तो ये नेगेटिव एनर्जी ला सकते हैं. इसलिए ऐसी पेंटिंग अपने दोस्तों को गिफ्ट न करें और हमेशा पॉजिटिव थीम वाली पेंटिंग ही चुनें.
रुमाल (Handkerchief)
कई लोग अच्छे मौके पर रुमाल का सेट गिफ्ट कर देते हैं, लेकिन वास्तु में इसे अशुभ माना गया है. कहा जाता है कि रुमाल आंसुओं और दुख से जुड़ा होता है. ऐसे में ये गिफ्ट रिश्तों में उदासी या दूरी ला सकता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.