India VS Sweden Cost Of Living: आजकल हर दूसरे बंदे को विदेश जाने की खुमारी चढ़ी है, लेकिन क्या वहां की जिंदगी वाकई वैसी ही मखमली है...जैसी फिल्मों में दिखती है? चेन्नई की शोब्स नाम की एक महिला ने इंस्टाग्राम पर इंडिया और स्वीडन के बीच ऐसी तुलना की है कि सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. उन्होंने बताया कि अगर आप इंडिया में सालाना 40 लाख रुपये कमाते हैं, तो हाथ में करीब 2.30 लाख रुपये महीना आता है. इसमें ठाठ-बाट वाली जिंदगी, नौकर-चाकर और दोस्तों के साथ महफिलें सब सेट हो जाता है.
स्वीडन की कमाई और खर्चों का हिसाब-किताब (Calculation Of Earnings And Expenses In Sweden)
अब जरा स्वीडन का हाल सुनिए. वहां अगर आप महीने के 55,000 स्वीडिश क्रोना कमाते हैं, तो टैक्स कटने के बाद करीब 36,000 ही हाथ लगते हैं. किराया ही 15,000 से 19,000 क्रोना तक डकार जाता है. ऊपर से वहां की कड़कड़ाती ठंड में हीटिंग का खर्चा अलग से जेब ढीली कर देता है. हालांकि, वहां सरकार बच्चों की पढ़ाई और इलाज का जिम्मा खुद उठाती है, जो एक बड़ा सुकून है, लेकिन इंडिया जैसी 'लग्जरी' और घर के कामों में मदद करने वाले हाथ वहां मिलना नामुमकिन जैसे हैं.
आराम पसंद है या सुकून भरी लाइफस्टाइल? (Comfort In India Vs Work-Life Balance In Sweden)
सोशल मीडिया पर लोग इस ब्रेकअप को एकदम सटीक बता रहे हैं. कइयों का कहना है कि इंडिया में 'सस्ते मजदूर' और घरेलू मदद की वजह से जिंदगी आसान है, जबकि स्वीडन में वर्क-लाइफ बैलेंस तो कमाल का है, मगर वहां हर छोटा-बड़ा काम खुद करना एक बड़ी जद्दोजहद है. शोब्स के मुताबिक, अगर आपको ऐश-ओ-आराम और सामाजिक रौनक चाहिए तो इंडिया बेस्ट है, लेकिन अगर इंटरनेशनल लाइफस्टाइल और शांति चाहिए तो स्वीडन की राह पकड़ लीजिए.
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कुल मिलाकर बात ये है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, लाइफस्टाइल की पसंद अपनी-अपनी है. ये वायरल वीडियो उन लोगों के लिए एक आईना है, जो सिर्फ विदेशी करेंसी देखकर बैग पैक करने की सोचते हैं.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














