क्या आप भी खा जाते हैं धोखा? Domino's Pizza के नकली आउटलेट्स को लेकर शख्स ने की कंप्लेन, स्विगी ने ऐसे किया रिएक्ट

रवि का कहना है कि कोलकाता में उनके पते के पास कई डोमिनोज़ पिज़्ज़ा आउटलेट देखे जा सकते हैं, हालांकि, कस्टमर्स को धोखा देने के लिए उन सभी की स्पेलिंग अलग-अलग थी.

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फेक आउटलेट्स पर फूटा लोगों का गुस्सा

आपने भी इस बात का एक्सपीरियंस किया होगा कि फूज डिलीवरी ऐप्स पर सर्च करने पर कई बार एक ही रेस्टोरेंट के अलग-अलग आउटलेट नजर आते हैं, इसमें कुछ असल तो कई फेक भी होते हैं. कुछ ऐसी ही शिकायत एक सोशल मीडिया यूजर ने की है और उसने एक्स पर इसे लेकर पोस्ट भी किया है. फूड डिलीवरी ऐप स्विगी (Swiggy) पर "डोमिनोज़" को सर्च करने पर इस यूजर को डोमिनोज के कई सारे वर्जन मिल गए. एक्स यूजर रवि हांडा ने अपने पोस्ट के साथ स्क्रीनशॉट भी शेयर किया. रवि का कहना है कि कोलकाता में उनके पते के पास कई डोमिनोज़ पिज़्ज़ा आउटलेट देखे जा सकते हैं, हालांकि, कस्टमर्स को धोखा देने के लिए उन सभी की स्पेलिंग अलग-अलग थी. एक रेस्तरां का नाम Domino Pizza था जबकि दूसरे का नाम Domino'ss Pizza था.

लोगों को हो रहा धोखा

उन्होंने स्क्रीनशॉट के साथ माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म पर लिखा, "अरे @Swiggy यह साफ तौर से एक धोखाधड़ी है. इनमें से केवल एक ही रियल है. आप ऐसा क्यों होने दे रहे हैं? @dominos ट्रेडमार्क के घोर उल्लंघन पर आपत्ति क्यों नहीं जता रहा है." एक अन्य पोस्ट उन्होंने ने लिखा, "यह सिर्फ एक मजाक नहीं है. मेरा कोई करीबी वास्तव में इसके जाल में फंस गया था. उन्हें इसका एहसास तब हुआ जब उन्हें डिलीवरी मिली और उन्होंने बॉक्स देखा."

स्विगी ने किया रिएक्ट

स्विगी ने इस पर ध्यान दिया और जवाब दिया, रवि, हम इसकी जांच कराना चाहते हैं, कृपया इसे जांचने के लिए अपना पिनकोड डीएम पर साझा करें. शेयर किए जाने के बाद से इस पोस्ट को दो लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और 700 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं. एक यूजर ने कमेंच करते हुए लिखा, "क्यूज़ अबिबास एडिबास को भी अपने उत्पाद बेचने के लिए ई-कॉमर्स का उपयोग करने का अधिकार है." दूसरे ने लिखा, "केएफसी = केंटुकी फ्राइड चिकन. केएफसी = किशन फूड कॉर्नर." तीसरे ने लिखा, 'भारत में ट्रेड मार्क जैसा कुछ नहीं है.'

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