7 महीने के बच्चे के साथ अपना फर्ज निभा रही हैं ये महिला कांस्टेबल, लोग कर रहे हैं सलाम!

मां की ममता का कोई मोल नहीं है. मां का जीवन में क्या महत्व है, ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है. तमाम कष्टों और परेशानियों को झेलने के बाद मां अपने बच्चे का ध्यान रखती हैं. यूं तो हमारे आस-पास मां से जुड़ी कई कहानियां मौजूद हैं. मगर आज हम जो आपको बताने जा रहे हैं.

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इस महिला कांस्टेबल का नाम सच्चिता रानी रॉय है.
इस महिला कांस्टेबल का नाम सच्चिता रानी रॉय है.

मां की ममता का (Mother's Love) कोई मोल नहीं है. मां का जीवन में क्या महत्व है, ये किसी को बताने की जरूरत नहीं है. तमाम कष्टों और परेशानियों को झेलने के बाद मां अपने बच्चे का ध्यान रखती हैं. यूं तो हमारे आस-पास मां से जुड़ी कई कहानियां मौजूद हैं. मगर आज हम जो आपको बताने जा रहे हैं, वो ज़रा हटके हैं. कहानी ये है कि एक महिला कॉन्स्टेबल अपने सात महीने के (Woman Cop In Assam Carries 7-Month-Old Baby To Work) बच्चे के साथ ड्यूटी कर रही है. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल (Viral Story) हो रहा है. ये कहानी असम की एक महिला कॉन्स्टेबल की है, जो 7 महीने के बच्चे की मां है. लोग इस कॉन्स्टेबल को सलाम कर रहे हैं.

वीडियो देखें

ये ख़बर वाकई में दुनिया के लिए उदाहरण है. NDTV की ख़बर के अनुसार,महिला कॉन्स्टेबल की मैटर्निटी लीव्स समाप्त हो चुकी थीं. ऐसे में अपने छोटे बच्चे को पालने के लिए छुट्टी बढ़ाने का निवेदन किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया है. ऐसे में महिला कॉन्स्टेबल अपने बच्चे के साथ ड्यूटी करती हैं. 

इस महिला कांस्टेबल का नाम सच्चिता रानी रॉय है. ये हर रोज अपने बच्चे के साथ सुबह 10.30 बजे अपने कार्यालय पहुंचती हैं और पूरे दिन काम करने के बाद ही घर जाती हैं. सोशल मीडिया पर लोग इन्हें सलाम कर रहे हैं.

इस मामले पर 27 वर्षीय सच्चिता कहती हैं कि अपने बच्चे को काम पर लाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है क्योंकि उनकी छुट्टी का अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया है. ऐसे में घर पर कोई है नहीं जो बच्चे का ध्यान रख सके. कॉन्स्टेबल सच्चिता रॉय बताती हैं कि मेरे सहयोगी मेरी मदद करते हैं. उनके कारण थोड़ी राहत मिल जाती है.

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