सैल्यूट! पुणे की लेडी डॉक्टर ने बीच सड़क पर कराई डिलीवरी, साड़ियों से बना दिया 'ऑपरेशन थिएटर'

पुणे के शिरूर में जो हुआ, उसे देखकर आप भी कहेंगे कि इंसानियत आज भी जिंदा है. बीच सड़क पर एक गर्भवती महिला दर्द से तड़पने लगी, तो वहां मौजूद आम लोगों ने साड़ियों का घेरा बनाया और एक जांबाज डॉक्टर ने सड़क पर ही किलकारी गूंजवा दी. यह कहानी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है.

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पुणे की सड़क बनी 'डिलीवरी रूम'! जब 'मसीहा' बनी लेडी डॉक्टर और महिलाओं ने साड़ियों की ओट में बचाई दो जान

Woman gives birth on street: पुणे के शिरूर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 23 साल की सुप्रिया काले सड़क पर ही दर्द से बेहाल होकर गिर पड़ीं. दरअसल, सरकारी अस्पताल ने हाथ खड़े कर दिए थे और उन्हें बड़े शहर जाने को कह दिया था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्हें लेबर पेन शुरू हो गया और वह बीच सड़क पर निढाल हो गईं.

इंसानियत की मिसाल, पुणे की जांबाज जनता (Delivery on Road Pune)

जैसे ही सुप्रिया की हालत बिगड़ी, वहां मौजूद राहगीरों ने तुरंत पास ही के क्लिनिक से डॉक्टर सुनीता पोटे को आवाज लगाई. डॉक्टर भी बिना एक पल गंवाए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गईं. अब सबसे बड़ी चुनौती थी भीड़भाड़ वाली जगह पर महिला की प्राइवेसी बनाए रखना, लेकिन यहां पुणे वालों ने दिल जीत लिया. वहां मौजूद महिलाओं ने अपनी साड़ियां, दुपट्टे और चादरें निकाल लीं और देखते ही देखते सड़क पर एक अस्थायी 'डिलीवरी रूम' तैयार कर दिया. चारों तरफ से घेरा बनाया गया, ताकि डॉक्टर अपना काम सुकून से कर सकें और सुप्रिया को कोई असहजता न हो.

सड़क पर गूंजी नन्ही किलकारी (Emergency Delivery on Busy Street)

डॉक्टर पोटे की सूझबूझ और लोगों के सहयोग से सुप्रिया ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. सोशल मीडिया पर यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर उस नन्ही सी जान को लोगों को दिखाते हुए मुस्कुरा रही हैं. आज के दौर में जहां लोग हादसा देखकर वीडियो बनाने लगते हैं, वहां इन लोगों ने हाथ बटाकर दो जिंदगियां बचा लीं. डॉक्टर पोटे और उन गुमनाम मददगारों को पूरा देश सलाम कर रहा है, जिन्होंने साबित कर दिया कि एकता में कितनी बड़ी ताकत होती है.

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जब रक्षक बन गए अनजान राहगीर (doctor helps roadside delivery)

यह घटना हमें बताती है कि अस्पताल की मशीनें भले ही जवाब दे दें, लेकिन अगर इंसान का इरादा नेक हो तो कहीं भी 'चमत्कार' हो सकता है. पुणे की इस 'कलेक्टिव विल' ने न सिर्फ एक मां-बच्चे को नई जिंदगी दी, बल्कि समाज के सामने हमदर्दी की एक बड़ी मिसाल पेश की है.

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
 

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