Smartphone पर आए Emergency Alert Message को देख कन्फ्यूज्ड हुए लोग, पूछा ये सवाल

इमरजेंसी मैसेज को रिसीव करने के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर करके पूछा कि, क्या इस बारे में चिंतित होने की कोई जरूरत है और इसी के साथ इंटरनेट पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई.

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मोबाइल फोन में अचानक आया Emergency Alert मैसेज, देखें लोगों के रिएक्शन

मंगलवार (आज) सुबह एक बार फिर भारत में कई मोबाइल यूजर्स को सरकार (Government sends test emergency alerts) की ओर से इमरजेंसी अलर्ट (emergency alerts) मिला है. अलर्ट लगभग 11:35 बजे एक फ़्लैश मैजेस के साथ भेजा गया था. इसमें सभी एंड्रॉइड और आईफोन डिवाइस के लिए एक इमरजेंसी टोन था. इस मैसेज (test emergency alerts) को रिसीव करने के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर करके पूछा कि, क्या इस बारे में चिंतित होने की कोई जरूरत है और इंटरनेट पर इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई.

इमरजेंसी अलर्ट मैसेज (Loud Emergency Alerts from Indian Govt)

एक 'X' (ट्विटर) यूजर ने स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ये इमरजेंसी अलर्ट मैसेज (Mobile Phones) डरावने, तेज़ और बेहद परेशान करने वाले हैं!!!'. एक अन्य यूजर ने लिखा, 'ये मैसेज किस बारे में हैं! मुझे अभी #EmergencyAlertSystem मैसेज मिला. सोशल मीडिया पर हर कोई बेहद हैरान और कंफ्यूज्ड नजर आया कि ये मैसेज आखिर किस बारे में हैं.'

यहां देखें पोस्ट

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मैसेज भेजने के पीछे सरकार का ये है मकसद

दरअसल, ये टेस्ट भारत सरकार की तरफ से जारी होने वाले एमरजेंसी असर्ट फीचर ( india sms alert) के परीक्षण का परिणाम हैं. यह केवल आज ही नहीं है कि लोगों को ये मैसेज (emergency sos) मिला. 15 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के कई यूजर्स को भी इसी तरह के मैजेस मिले थे.

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इस मैसेज में लिखा है, यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से भेजा गया एक नमूना परीक्षण संदेश है. कृपया इस संदेश पर ध्यान न दें क्योंकि आपकी ओर से किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है. यह संदेश राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे टेस्ट पैन-इंडिया इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को भेजा गया है. इसका उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाना और आपात स्थिति के दौरान समय पर अलर्ट प्रदान करना है.

ऐसी है तैयारी

दूरसंचार विभाग (DoT) के मुताबिक, ये अलर्ट (flash message) नियमित आधार पर भेजे और परीक्षण किए जाएंगे. ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि, मोबाइल ऑपरेटर और सेलुलर बुनियादी ढांचे इमरजेंसी ब्रॉडकास्ट को संभालने में अच्छी तरह से तैयार हों.

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