AI का 'बाप' है ये हुनर! कारपेंटर ने 45 मिनट में कमाए 900 रुपये, वायरल पोस्ट ने छेड़ी नई बहस

डिग्री की चमक और एआई (AI) के शोर के बीच, एक कारपेंटर की 45 मिनट की 'दिहाड़ी' ने कॉरपोरेट जगत की नींद उड़ा दी है. जब बड़े बड़े इंजीनियर छंटनी के डर से कांप रहे हैं, तब हथौड़ा और आरी चलाने वाले ये 'हुनरबाज' बिना किसी खौफ के चांदी काट रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
AI का खौफ बेकार, अब मिस्त्री और प्लंबर बनेंगे 'राजकुमार'! 45 मिनट के काम में कूट रहे इतने पैसे कि इंजीनियर भी रह गए दंग!
Photos: @life.jasonzhang/Instagram

Blue Collar Jobs: क्या आप भी एआई (AI) के आने से अपनी नौकरी को लेकर डरे हुए हैं? तो फिर जरा रुकिए और इन 'भाई साहब' की बात सुनिए. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने आग लगा दी है, जहां एक कारपेंटर ने महज 45 मिनट में इतने पैसे बना लिए कि लोग अब अपनी डिग्री छोड़कर बसूली और हथौड़ा उठाने की सलाह दे रहे हैं.

'डिग्री रखी रह गई और मिस्त्री जी बाजी मार ले गए' (Artificial Intelligence Impact)

आजकल हर जगह आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस यानी एआई का शोर है, लोग कह रहे हैं कि कंप्यूटर सबकी नौकरियां खा जाएगा, लेकिन इस बीच एक एक्स (X) यूजर ने ऐसी बात लिख दी कि लोग सिर खुजलाने पर मजबूर हो गए. यूजर ने बताया कि उसने अपने घर में शेल्फ लगवाने और कुछ तस्वीरें टांगने के लिए एक कारपेंटर को बुलाया, जिसने सिर्फ 45 मिनट हाथ चलाया और 900 रुपये लेकर चलता बना, यानी करीब 20 रुपये प्रति मिनट की कमाई.

प्लंबर की सैलरी सुनकर चकरा जाएगा सिर (Plumber 18 LPA Salary)

ये तो बस शुरुआत है, पिछले महीने मुंबई के एक बंदे ने खुलासा किया था कि उनके इलाके का प्लंबर साल के 18 लाख रुपये कमा रहा है. बंदे के पास न सिर्फ महंगी गाड़ी है, बल्कि उन्होंने खेती की जमीन और आलीशान घर भी बना लिया है. बेंगलुरु के लोग तो और भी परेशान हैं, उनका कहना है कि वहां तो बिजली मिस्त्री और प्लंबर अपनी मर्जी के मालिक हैं, 2 घंटे के काम का सीधा 2000 रुपये मांगते हैं और नखरे अलग से दिखाते हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें:-गजब की मार्केटिंग! शहद असली है या नकली? बंदे का सूजा हुआ चेहरा दे रहा है गवाही

क्या एआई से सुरक्षित है ये हुनर? (Carpenter vs AI)

इस वायरल पोस्ट पर जनता का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि हम किताबी ज्ञान से ज्यादा हाथों के हुनर यानी वोकेशनल ट्रेनिंग पर ध्यान दें, क्योंकि आप चाहे कितने भी बड़े कोडर क्यों न बन जाएं, एआई कोड लिख सकता है पर आपके घर की लीकेज ठीक नहीं कर सकता. वियतनाम जैसे देशों की मिसाल दी जा रही है, जहां लोगों ने बड़ी बड़ी डिग्रियों के पीछे भागने के बजाय टेक्निकल स्किल को अपनी ताकत बनाया और आज वहां की तरक्की दुनिया देख रही है.

Advertisement

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)

Featured Video Of The Day
Iran-US Ceasefire: सीजफायर पर राजी हुए America और ईरान, Hormuz भी खुला