India-South Korea Relation: किस्सा करीब 2000 साल पुराना है, जब अयोध्या की गलियों में गूंजती थी राजकुमारी 'सूरीरत्ना' की हंसी...पर एक रात, इतिहास ने करवट ली. कहते हैं, राजा को एक 'इल्हामी' ख्वाब आया, जिसने बिटिया की किस्मत का रुख ही बदल दिया. महज 16 साल की उम्र में वो साहसी लड़की अयोध्या छोड़कर अनजान लहरों पर निकल पड़ी. 4500 किलोमीटर का वो जोखिम भरा सफर, जिसकी मंजिल थी सुदूर कोरिया का 'गिमहे' शहर.
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एक शादी, जिसने बदल दी दो मुल्कों की तारीख (Ayodhya Princess Suriratna)
वहां उनका इंतजार कर रहे थे राजा 'किंग सूरो.' जब राजकुमारी वहां पहुंचीं, तो वो सिर्फ एक दुल्हन नहीं थीं, बल्कि दो महान तहजीबों का संगम थीं. शादी के बाद उन्हें नाम मिला 'महारानी हौ ह्वांग-ओके.' आपको जानकर हैरत होगी कि आज भी दक्षिण कोरिया के करीब 60 लाख लोग खुद को इसी इक्ष्वाकु वंश की राजकुमारी का वंशज मानते हैं.
पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद इस गहरे और रूहानी रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि, 'ये हमारी साझी विरासत की वो कड़ी है, जो वक्त के साथ और चमकदार हुई है.'
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आज भी अयोध्या में महकती है वो याद (Queen Heo Hwang-ok)
हाल ही में @MyGovHindi ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें इस 'अनोखी दास्तान' को बड़ी खूबसूरती से पिरोया गया है. सरयू नदी के तट पर आज भी उस राजकुमारी का स्मारक खड़ा है, जो अपनी जड़ों से दूर होकर भी हिंदुस्तान की खुशबू फैला रही है. पीएम मोदी ने इस सांस्कृतिक पुल को मजबूत करते हुए बताया कि, कैसे ये रिश्ता आज भी दोनों देशों के दिलों को जोड़ता है.
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