Nurse Saves 8 Year Old Boy: क्या कोई अजनबी के लिए अपना शरीर दांव पर लगा सकता है? जब एक 8 साल का बच्चा जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा था, तब नर्स केली ने वो किया जो सगे भी करने से कतराते हैं. रोंगटे खड़े कर देने वाली इस दास्तान को पढ़कर आपका इंसानियत पर भरोसा लौट आएगा.
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न नाम पता था, न ठिकाना...बस बचाना था एक मासूम का जमाना (Nurse Kelly Perkins liver donor)
कहते हैं फरिश्ते आसमान से नहीं उतरते, बल्कि हमारे बीच ही सफेद कोट पहनकर घूमते हैं. नर्स केली पर्किन्स के सामने जब खबर आई कि एक 8 साल का बच्चा लिवर फेलियर की वजह से आखिरी सांसें गिन रहा है, तो उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की. केली उस बच्चे को जानती तक नहीं थी, न उसका पिछला इतिहास पता था, न ही घर का पता. पर उनके जज्बे ने कह दिया 'चिंता मत कर छोटे, तेरा ये 'फ्यूचर' मैं बचाऊंगी.'
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असली हीरो बड़ा दिल रखते हैं (selfless organ donation)
केली ने अपने जिगर (Liver) का एक हिस्सा उस मासूम को डोनेट करने का फैसला किया. आज के दौर में जहां लोग छोटी-छोटी बातों पर पीछे हट जाते हैं, वहां केली ने साबित कर दिया कि इंसानियत अभी भी जिंदा है. उस बच्चे के लिए केली किसी मसीहा से कम नहीं थी. इस एक फैसले ने मौत के साये को जिंदगी की मुस्कान में बदल दिया. दुनिया अब केली की इस बहादुरी को सलाम ठोक रही है, क्योंकि ऐसे 'जिगर' वाले लोग रोज-रोज पैदा नहीं होते.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














