सैलानियों के लिए स्वर्ग लवासा में बनेगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 200 मीटर ऊंची प्रतिमा

मानसून के समय में लवासा की खूबसूरती देखने लायक होती है, यहां की प्राकृतिक सुंदरता इसको स्वर्ग के समान बनाती है.

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भारत, लवासा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिमा के भव्य निर्माण का गवाह बनने के लिए तैयार है. यह प्रतिमा 190-200 मीटर की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी. सैलानियों के लिए मशहूर लवासा पुणे के पास एक शानदार टूरिस्ट प्लेस है, जहां सैलानियों को स्वर्ग की अनुभूति होती है. माना जा रहा है कि 31 दिसंबर 2023 से पहले या उस दिन प्रतिमा के अनावरण होने की संभावना है. इज़राइल, जर्मनी, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और संयुक्त राज्य अमेरिका के वाणिज्य दूतावासों के सम्मानित प्रतिनिधियों से इस अवसर की शोभा बढ़ाने की उम्मीद है, जो इसे नेतृत्व के वैश्विक उत्सव के रूप में चिह्नित करेगा. प्रतिष्ठित प्रतिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र में अखण्ड एकता के लिए  किए जा रहे प्रयासों को समर्पित होगी.

डार्विन प्लेटफार्म इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (DPIL)लवासा में नरेंद्र मोदी की प्रतिमा भारत के परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ने के लिए तैयार है, जो दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के भव्य निर्माण के प्रतीक के रूप में काम करेगी. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) द्वारा अजय हरिनाथ सिंह के नेतृत्व वाली डार्विन प्लेटफॉर्म ग्रुप ऑफ कंपनीज (DPGC) के पक्ष में लवासा स्मार्ट सिटी के लिए संकल्प योजना को मंजूरी दिए जाने के बाद, इस शानदार प्रतिमा की परिकल्पना अब वास्तविकता बनने के करीब है.

डीपीआईएल के चेयरमैन अजय हरीनाथ सिंह ने बातचीत में कहा कि लवासा में जहां प्रतिमा स्थापित होनी है वहां भारत की विरासत और नए भारत की आकांक्षाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक संग्रहालय, एक स्मारक उद्यान, मनोरंजन केंद्र और एक प्रदर्शनी हॉल की मेजबानी की जाएगी। प्रदर्शनी हॉल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन और उपलब्धियों की एक झलक दिखाएगा, साथ उनके द्वारा नये भारत के निर्माण में दिए गए योगदान को भी बताएगा."

मानसून के समय में लवासा की खूबसूरती देखने लायक होती है, यहां की प्राकृतिक सुंदरता इसको स्वर्ग के समान बनाती है. दासवे व्यूप्वाइंट लवासा का सबसे अधिक फेमस पर्यटक स्थल में से हैं. इस जगह से आप यहां के आस पास के सभी प्राकृतिक दृश्य को देख सकते हैं. यह जगह पर्यटकों के लिए बेहद खास हैं. इस स्मारकीय परियोजना से प्रगति और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत होने की उम्मीद है. जिससे लवासा, भारत के करीब 3.2 मिलियन स्थानीय लोगों के लिए एक आदर्श घर बन जाएगा.

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