- फ्रांस में एलन मस्क की कंपनी X के कार्यालयों पर बच्चों की यौन शोषण की तस्वीरें फैलाने के आरोप में छापा
- फ्रांसीसी अभियोजकों ने एलन मस्क और पूर्व CEO लिंडा याकारिनो को पूछताछ के लिए बुलाया है
- ब्रिटेन में xAI की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक के डेटा प्राइवेसी उल्लंघन की भी औपचारिक जांच चल रही है
फ्रांस में एलन मस्क की सोशल मीडिया कंपनी X (पहले ट्विटर) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. फ्रांसीस में मंगलवार, 3 फरवरी को X के कार्यालयों पर छापा मारा गया है. दरअसल X पर बच्चों की यौन शोषण की तस्वीरें और डीपफेक फैलाने का आरोप लगा हुआ है और इसी मामले में शुरुआती जांच शुरू हो गई है. इतना ही नहीं फ्रांसीसी अभियोजकों ने दुनिया के सबसे अमीर शख्स और कंपनी के मालिक एलन मस्क को भी पूछताछ के लिए बुलाया है. एलन मस्क ने इस छापे को एक राजनीतिक हमला बताया है.
X और मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI को ब्रिटेन में भी गहन जांच का सामना करना पड़ रहा है. ब्रिटेन में डेटा प्राइवेसी रेगुलेटर ने इस बात की औपचारिक जांच शुरू की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक को विकसित और तैनात करते समय लोगों के पर्सनल डेटा को कैसे संभाला गया है. ग्रोक को xAI है और यह एक्स पर भी AI चैटबॉट के रूप में उपलब्ध है. पिछले महीने इसको लेकर पूरी दुनिया में आक्रोश फैल गया था जब इसके जरिए X यूजर्स ने बिना किसी सहमति के महिलाओं और छोटे बच्चों के डीपफेक इरॉटिक तस्वीर एडिट करना शुरू कर दिया. लोग इसे प्रॉम्पट देते और यह बिना किसी फिल्टर के किसी का भी सेमी न्यूड तस्वीर बना देता.
अभियोजकों ने मस्क और पूर्व CEO लिंडा याकारिनो को 20 अप्रैल को "वॉटंलरी इंटरव्यू" में भाग लेने के लिए कहा है. बयान में कहा गया है कि X के कर्मचारियों को भी गवाह के रूप में सुनवाई के लिए उसी सप्ताह बुलाया गया है. याकारिनो मई 2023 से जुलाई 2025 तक X के CEO थी.
X और एलन मस्क ने क्या कहा?
आरोपों से इनकार करते हुए X ने अपने पेरिस ऑफिस पर छापे को गलत बताया है. कंपनी ने एक पोस्ट में लिखा कि यह छापा वैध कानून लागू करने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के बजाय नाजायज राजनीतिक उद्देश्यों को पाने के लिए डिजाइन किया गया अपमानजनक काम है. एलन मस्क ने भी कहा कि यह एक राजनीतिक हमला है.













