- ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों की सीजफायर पर इस्लामाबाद में बातचीत चल रही है.
- इस बीच पाकिस्तानी वायुसेना के फाइटर जेट्स सऊदी अरब के किंग अब्दुल अजीज एयर बेस पर पहुंचे हैं.
- सऊदी ने बताया कि यह तैनाती दोनों देशों के बीच पिछले साल हुए ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट के तहत हुई है
ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों की सीजफायर पर इस्लामाबाद में बातचीत हो रही है. इस बातचीत में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस डेलिगेशन को लीड कर रहे हैं तो दूसरी ओर से ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ डेलिगेशन को लीड कर रहे हैं. पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही इस बातचीत पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी है. क्योंकि यह बातचीत ही आने वाले दिनों में दुनिया में होने वाले बड़े बदलावों को तय करेगा. लेकिन इस बातचीत के बीच एक और बड़ी घटना यह हुई है कि पाकिस्तानी वायु सेना के फाइटर जेट्स सऊदी अरब पहुंचे हैं.
सऊदी अरब के किंग अब्दुल अजीज एयर बेस पहुंचे पाकिस्तानी जेट्स
सऊदी अरब में पाकिस्तानी सैन्य बल के पहुंचने की जानकारी वहां के रक्षा मंत्रालय ने दी है. सऊदी अरब रक्षा मंत्रालय ने बताया कि किंग अब्दुल अजीज एयर बेस पर पाकिस्तानी एयरफोर्स के जेट्स पहुंचे हैं. इस टुकड़ी में पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) के आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ-साथ लॉजिस्टिक और तकनीकी सहायता के लिए 'सपोर्ट एयरक्राफ्ट' भी शामिल हैं.
पाकिस्तानी जेट्स की तैनाती पर सऊदी अरब ने क्या कहा?
किंग अब्दुल अजीज एयर बेस पर पाकिस्तानी जेट्स की तैनाती के बारे में सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा, "यह तैनाती दोनों देशों के बीच साइन किए गए ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट के तहत हुई है."
दरअसल पाकिस्तान और सऊदी अरब ने पिछले साल सितंबर में डिफेंस कोऑपरेशन और सिक्योरिटी पर एक 'ज्वाइंट स्ट्रेटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट' किया था, इस समझौते के तहत ' यदि किसी भी देश पर बाहरी हमला होगा तो इसे दोनों देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा.
सऊदी अरब में पाकिस्तानी जेट्स पहुंचने के बारे में वहां के रक्षा मंत्रालय बयान जारी कर यह जानकारी दी है.
सऊदी में पाकिस्तानी जेट्स की तैनाती के कारण
यह तैनाती दोनों देशों के बीच हुए 'संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते' (Joint Strategic Defense Agreement) के तहत की गई है, जो रक्षा सहयोग को नए स्तर पर ले जाता है. इसका मकसद दोनों मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल बढ़ाना और हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयारियों को पुख्ता करना है.
सऊदी रक्षा मंत्रालय के बयान में बताया गया कि किंग अब्दुल अजीज एयरबेस पर पाकिस्तानी विमानों की तैनाती का मकसद क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य तालमेल बेहतर करना और ऑपरेशनल तैयारी बढ़ाना है.
हालांकि बयान में यह नहीं बताया गया कि पाकिस्तान से कितने विमान आए हैं और इसका ईरान में युद्ध से कोई संबंध है या नहीं. फिलहाल इस्लामाबाद में चल रही वार्ता पर हर किसी नजरें टिकी है. जिसमें आज पहले दिन 4 घंटे की बातचीत हुई है.
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