अमेरिकी नागरिकों पर पाबंदी क्यों लगा रहे हैं कुछ अफ्रीकी देश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 दिसंबर को एक आदेश पर दस्तखत किए थे, इसमें माली और बुर्किना फासो समेत कई देशों के निवासियों के अमेरिका आने पर पाबंदी लगाई गई थी. यह आदेश आज एक जनवरी 2026 से लागू हो गया है. इसी के जवाब में माली और बुर्किना फासो ने यह कदम उठाया है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
नई दिल्ली:

अफ्रीकी देश माली और बुर्किना फासो ने अमेरिकी नागरिकों के अपने यहां आने पर पाबंदी लगा दी. पश्चिम अफ्रीका के इन दोनों देशों का कहना है कि वे अपने नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर लगाई गई पाबंदी के जबाव में यह कदम उठा रहे हैं. दोनों देशों ने अमेरिकी नागरिकों के लिए वीजा पर पूरी तरह रोक पाबंदी लगा दी है. इसकी घोषणा दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने अलग-अलग बयान जारी कर की. अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पहले से जचारी यात्रा प्रतिबंधों का विस्तार करते हुए माली, बुर्किना फासो और नाइजर समेत 20 नए देशों पर 16 दिसंबर को प्रतिबंध लगा दिया था.

अमेरिका की चिंता क्या है

पश्चिम अफ्रीका में आने वाले माली और बुर्किना फासो में इस समय सैन्य शासन लागू है. उन्होंने अमेरिका को 'जैसे को तैसा' वाली भाषा में जवाब दिया है. इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अफ्रीका, एशिया,मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के कुल 39 देशों के नागरिकों पर नई वीजा पाबंदियां लगा दी थीं.अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास सह कार्यालय व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा था कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

अफ्रीकी देशों का क्या कहना है

माली के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पारस्परिकता (रेसिप्रोसिटी) के सिद्धांत के तहत अब अमेरिकी नागरिकों पर भी वही नियम और शर्तें लागू होंगी, जो अमेरिका ने माली के नागरिकों पर लगाई हैं. यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू होगा. वहीं बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामोको जीन-मैरी ट्राओरे ने अपने बयान में कहा कि उनके देश ने भी पारस्परिकता के आधार पर अमेरिका के नागरिकों के लिए वीजा पाबंदियां लगाने का फैसला किया है.

ह्वाइट हाउस की ओर से 16 दिसंबर को जारी आदेश में माली और बुर्किना फासो के अलावा पांच और देशों के नागरिकों को वीजा देने पर पाबंदी लगाई गई है. ये देश हैं—लाओस, नाइजर, सिएरा लियोन, साउथ सूडान और सीरिया. इनके अलावा फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी यात्रा दस्तावेज रखने वाले यात्रियों के भी अमेरिका में घुसने पर रोक लगा दी गई है. इनके अलावा बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला पर ये आदेश आंशिक रूप से पहले से ही लागू थे, इसे अब पूरी तरह से लागू कर दिया गया है. अफगानिस्तान, म्यांमार (बर्मा), चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों पर इस तरह तकी पाबंदियां पहले से ही लागू थीं. 

अमेरिका क्यों लगा रहा है पाबंदियां

अमेरिका ने इन पाबंदियों की वजह इन देशों की कमजोर जांच प्रक्रिया, जानकारी साझा न करने की नीति, वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकने की समस्या और निर्वासित (डिपोर्ट) किए गए नागरिकों को वापस लेने से इनकार को बताया है.राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि इन देशों का आकलन इस आधार पर भी किया गया कि वहां आतंकवादी संगठनों की मौजूदगी कितनी गंभीर है. ये पाबंदियां 1 जनवरी से लागू हो गई हैं. 

दरअसल माली, बुर्किना फासो और उनके पड़ोसी देश नाइजर में पिछले कई सालों से अल-कायदा और आईएसआईएस से जुड़े हथियारबंद समूह हिंसा कर रहे हैं. इस हिंसा की वजह से लाखों लोगों को घर छोड़ना पड़ा है. 

Advertisement

ये भी पढ़ें: “अब उस कुर्सी पर कोई नहीं बैठेगा”, इंदौर दूषित जल कांड में जान गंवाने वाले नंदलाल की आखिरी सुबह

Featured Video Of The Day
Bengal Babri Masjid News: बंगाल में बाबरी, UP में हुंकार! Humayun Kabir | CM Yogi | Mamata Banerjee
Topics mentioned in this article