क्रिसमस पर जेलेंस्की ने ईश्वर से किसकी मौत की दुआ मांगी?

जेलेंस्की ने कहा कि जापरोजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास के क्षेत्र के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था संभव हो सकती है, जो वर्तमान में रूसी नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि किसी भी शांति योजना को जनमत संग्रह के लिए प्रस्तुत करना होगा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बिना नाम लिए रूसी राष्ट्रपति की मौत की कामना की और एकता का महत्व बताया
  • जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन को भारी नुकसान पहुंचाया है लेकिन उनकी एकता और दिल पर कब्जा नहीं कर सका
  • रूस ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर यूक्रेन पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसमें कई लोग मारे गए
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन की मौत की कामना की. क्रिसमस की पूर्व संध्या पर X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में, जेलेंस्की ने कहा, "रूस ने चाहे कितनी भी पीड़ा दी हो, वह उस चीज पर कब्ज़ा करने या बमबारी करने में सक्षम नहीं है, जो सबसे ज्यादा मायने रखती है. वह है हमारा यूक्रेनी दिल, एक-दूसरे पर हमारा भरोसा और हमारी एकता."

किसी का नाम लिए बिना, उन्होंने कहा, "आज हम सभी एक ही सपना देखते हैं और हम सभी के लिए एक ही दुआ है: 'उनकी मौत हो जाए,' जैसा कि हर कोई अपने मन में कहता है." इसके बाद उन्होंने यूक्रेन में शांति के बारे में बात की और कहा, "लेकिन जब हम ईश्वर की ओर रुख करते हैं, तो निश्चित रूप से हम उससे भी बड़ी चीज मांगते हैं. हम यूक्रेन के लिए शांति की प्रार्थना करते हैं. हम इसके लिए लड़ते हैं, इसके लिए प्रार्थना करते हैं, हम इसके हकदार हैं."

रूस ने किया हमला

उनकी यह क्रिसमस की कामना मंगलवार को रूस द्वारा यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोन से किए गए हमले के बाद आई है, जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए और बिजली गुल हो गई. जेलेंस्की ने अपने संबोधन में कहा, "क्रिसमस की पूर्व संध्या पर, रूसियों ने एक बार फिर अपना असली रूप दिखा दिया. भारी गोलाबारी, सैकड़ों 'शहीद'. मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, किन्झल मिसाइलें - हर चीज का इस्तेमाल किया गया. नास्तिक इसी तरह हमला करते हैं."

20 सूत्री योजना पर भी बोले

यूक्रेनी नेता ने पत्रकारों के साथ एक ब्रीफिंग में 20 सूत्री योजना का विवरण भी साझा किया. उन्होंने कहा कि युद्ध समाप्त करने की योजना के तहत कीव देश के पूर्वी औद्योगिक क्षेत्र से अपनी सेना वापस बुला लेगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा जब मॉस्को भी अपनी सेना वापस बुला ले और यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय बलों की निगरानी में एक विसैन्यीकृत क्षेत्र (Demilitarised Zone) बन जाए.

यह प्रस्ताव डोनबास क्षेत्र पर यूक्रेनी नेता द्वारा किए जाने वाले समझौतों का अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत है, जिस पर नियंत्रण शांति वार्ता में एक प्रमुख अड़चन है. जेलेंस्की ने कहा कि जापरोजिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र के आसपास के क्षेत्र के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था संभव हो सकती है, जो वर्तमान में रूसी नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि किसी भी शांति योजना को जनमत संग्रह के लिए प्रस्तुत करना होगा.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Shubhankar Mishra | Bhairav Battalions: भारत की 'भैरव' बटालियन कैसे बनेगी पाकिस्तान का काल?