ईरान और अमेरिका के बीच जो दो हफ्तों का सीजफायर हुआ था, उस पर अब संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं. लेबनान पर इजरायली हमले रुक नहीं रहे हैं, जिसके बाद ईरान ने सीजफायर तोड़ने की चेतावनी दे दी है. अब व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने ईरान के 10 पॉइंट के प्रस्ताव को लेकर कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे कूड़ेदान में फेंक दिया.
इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने 10 पॉइंट का प्रस्ताव दिया है, जिसे अमेरिका ने मंजूर कर लिया है. हालांकि, अब कैरोलिन लेविट का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे मंजूर नहीं किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान की 'विश लिस्ट' को कभी मंजूर नहीं करेंगे.
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ईरान के प्रस्ताव पर क्या बोलीं लेविट?
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि 'ईरानियों ने शुरू में एक 10 पॉइंट का प्रस्ताव पेश किया था, जो नॉन-सीरियस और पूरी तरह से नामंजूर है. राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी नेगोशिएटिंग टीम ने इसे सचमुच कूड़ेदान में फेंक दिया था.'
उन्होंने कहा, 'कई मीडिया संस्थानों ने गलत रिपोर्ट दी है कि यह प्रस्ताव अमेरिका को मंजूर था. यह सच नहीं है. राष्ट्रपति की डेडलाइन तेजी से पास आने और अमेरिकी सेना के डर से ईरान को भारी नुकसान पहुंचाने के कारण वहां की सरकार ने नेगोशिएटिंग टीम के सामने अपनी वास्तविकता मान ली थी.'
कैरोलिन ने कहा, 'इसके बाद उन्होंने एक प्लान पेश किया. राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ने यह तय किया कि यह नया प्लान बातचीत के लिए व्यावहारिक आधार हो सकता है, जिसे हमारे अपने 15 पॉइंट के प्रस्ताव के साथ जोड़ा जा सकता है.'
उन्होंने आगे कहा कि 'राष्ट्रपित की रेड लाइन है कि ईरान के भीतर ईरानी एनरिचमेंट का अंत करना है और इसमें कोई बदलाव नहीं आया है. यह सोचना कि राष्ट्रपति ट्रंप कभी भी ईरान की 'विश लिस्ट' को एक समझौते के तौर पर स्वीकार कर लेंगे, पूरी तरह से बेतुका है.'
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क्या था ईरान का 10 पॉइंट प्लान?
- ईरान पर कोई हमला नहीं होगा.
- होर्मुज स्ट्रेट ईरान का कंट्रोल बना रहेगा.
- ईरान में यूरेनियम एनरिचमेंट होता रहेगा.
- सभी प्राइमरी सैंक्शंस को हटाया जाएगा.
- सभी सेकंडरी सैंक्शंस को हटाया जाएगा.
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सभी प्रस्तावों को खत्म करेगा.
- IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म किया जाएगा.
- ईरान को मुआवजा दिया जाएगा.
- इस क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी होगी.
- लेबनान के साथ-साथ सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म होगा.
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क्या टूट जाएगा सीजफायर?
ईरान और अमेरिका के बीच बुधवार को ही दो हफ्तों के लिए सीजफायर हुआ है. हालांकि, अब यह टूटता हुआ भी नजर आ रहा है. पहले लेबनान पर इजरायली हमलों को लेकर और अब 10 पॉइंट के प्रस्ताव के नकारे जाने के बाद इसकी आशंका बढ़ गई है.
इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान ने मध्यस्थों से साफ कर दिया है कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत लेबनान में सीजफायर पर निर्भर करती है. साथ ही ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के फैसले से पलट सकता है.
ईरान की न्यूज एजेंसी तस्नीम को एक सूत्र ने बताया कि अगर इजरायल, लेबनान पर हमले जारी रखकर सीजफायर तोड़ता रहता है तो ईरान समझौते से पीछे हट सकता है. वहीं, ट्रंप ने भी साफ कर दिया है कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है, क्योंकि वहां हिज्बुल्लाह है.
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