- मुजतबा खामेनेई को 4 दिन पहले ईरान का सुप्रीम लीडर घोषित किया गया लेकिन अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं
- ईरान के सरकारी मीडिया संकेत दे रही है कि मुजतबा खामेनेई अमेरिका और इजरायल के हमलों में घायल हुए हैं
- तेहरान में मुजतबा खामेनेई का एक बड़ा पोस्टर लगाया गया है जिसमें वे अपने पिता से झंडा लेते हुए दिखाए गए हैं
लगभग चार दिन हो चुके हैं जब मुजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था. लेकिन इन 4 दिनों से वो कहां हैं और उन्हें किस परिस्थिति में यह पद मिला, यह बात अभी भी रहस्य बनी हुई है. वे अब तक न तो अपने समर्थकों के सामने आए हैं और न ही कोई वीडियो संदेश जारी किया है. यहां तक कि उन्होंने या उनके ऑफिस ने कोई लिखित बयान भी जारी नहीं किया है. ईरान की सरकारी मीडिया ने भी उनके लिए अबतक केवल पुराने वीडियो फुटेज का इस्तेमाल किया है.
क्या जंग में घायल हो गए हैं मुजतबा खामेनेई?
ईरान के सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, 56 वर्षीय सुप्रीम लीडर संभवतः अमेरिका और इजरायल के जारी हमलों में घायल हो गए थे. इन हमलों को ईरानी सरकार ने “रमजान युद्ध” नाम दिया है. ईरान के सरकारी टीवी ने उन्हें “जानबाज-ए-रमजान” कहा है, जिसका मतलब है “रमजान युद्ध में घायल हुआ योद्धा”. सरकारी टीवी के एंकर अपनी रिपोर्टों में उन्हें “जानबाज”, यानी दुश्मन के हमले में घायल व्यक्ति, बताते हैं और कहते हैं कि वे “रमजान युद्ध” में घायल हुए थे. हालांकि उन्होंने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी है.
हालांकि भले ही मुजतबा खामेनेई सामने नहीं आए हैं, लेकिन उनके समर्थन में वफादारी की सार्वजनिक घोषणाएं लगातार आ रही हैं.
तेहरान में नया पोस्टर
तेहरान से आए वीडियो और फोटो में दिख रहा है कि ऐतिहासिक वली-अ-अस्र चौराहे पर एक नया विशाल पोस्टर (म्यूरल) लगाया गया है. इस पोस्टर में युवा मुजतबा खामेनेई अपने मृत पिता अली खामेनेई से झंडा लेते हुए दिखाए गए हैं, जबकि इस्लामी शासन के संस्थापक रुहुल्लाह खुमैनी उन्हें देखते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वली-अ-अस्र का यह म्यूरल अक्सर सरकार के संदेश दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसके जरिए ईरान का धार्मिक शासन यह दिखाने की कोशिश कर रहा हो कि सत्ता का हस्तांतरण बिल्कुल सहज और बिना विवाद के हुआ है. हालांकि इसमें एक विरोधाभास भी है, क्योंकि जिस व्यवस्था का जन्म राजशाही के खिलाफ हुई क्रांति से हुआ था, उसमें अब पिता से बेटे को सत्ता मिलने जैसा उत्तराधिकार दिख रहा है.
मुजतबा खामेनेई की सुरक्षा
मुजतबा के ठिकाने को लेकर चल रही अटकलों के बीच अमेरिका के एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिता की हत्या के बाद एक खास आतंकवाद-रोधी यूनिट को उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है. इस यूनिट को NOPO कहा जाता है- यह ईरान की काले कपड़े पहनने वाली विशेष आतंकवाद-रोधी फोर्स है. फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस फोर्स को नए अयातुल्ला की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है.
ईरान के राष्ट्रीय प्रतिरोध परिषद (NCRI) की विदेश मामलों की समिति के अधिकारी अली सफवी ने कहा, “खामेनेई के चले जाने के बाद अब संभव है कि NOPO मोज्तबा खामेनेई की सुरक्षा कर रही हो.” सफावी के अनुसार, NOPO बल की स्थापना 1991 में हुई थी और इसकी मूल इकाई “28वीं रुहोल्लाह डिवीजन” थी, जिसका नाम पहले सुप्रीम लीडर के पहले नाम पर रखा गया था. उन्होंने कहा कि यह बल आमतौर पर बंधकों को छुड़ाने जैसे अभियानों को संभालता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि पहले इसका काम खामेनेई की सुरक्षा करना नहीं था.
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