- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ग्रीनलैंड के मामले में रूस की कोई दिलचस्पी या संलिप्तता नहीं है
- पुतिन ने डेनमार्क के ग्रीनलैंड के प्रति कठोर रवैये का उल्लेख करते हुए इसे अलग मामला बताया है
- डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ ग्रीनलैंड पर समझौते के लिए बातचीत की पुष्टि की है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को पाने की कोशिशों ने एक ओर जहां डेनमार्क को असमंजस में डाल दिया है और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की एकजुटता को भी झकझोर दिया है वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. पुतिन ने बुधवार, 21 जनवरी की देर रात राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा, ‘‘इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है कि ग्रीनलैंड के साथ क्या होता है.''
उनका यह बयान टेलीविजन पर प्रसारित किया गया.
रूस के राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यूं तो डेनमार्क ने ग्रीनलैंड को हमेशा एक उपनिवेश की तरह माना है और उसके प्रति क्रूर नहीं, तो काफी कठोर रवैया तो अपनाया ही है लेकिन यह बिल्कुल अलग मामला है और मुझे संदेह है कि अभी किसी की इसमें रुचि होगी.''
उधर ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर NATO से 'डील' की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को साफ संकेत दिया कि वो डेनमार्क के हाथों से बलपूर्वक ग्रीनलैंड को छीनने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे. उन्होंने स्विट्जलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में मीडिया से कहा कि ग्रीनलैंड पर समझौते के लिए उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बातचीत की है. ट्रंप का कहना है कि वह और मार्क रुटे 'भविष्य के समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क)' पर सहमत हुए हैं.
इतना ही नहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि अब वह ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण को लेकर यूरोप के सहयोगी देशों पर प्लान किए गए टैरिफ को भी रद्द कर रहे हैं.













