रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन से साथ 4.5 सालों से चल रही जंग पर चर्चा करने के लिए अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का प्रस्ताव रखा है. यह रिपोर्ट 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) ने छापी है. इस बैठक का उद्देश्य रूस के पक्ष में एक शांति समझौता करना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बेहतर होते संबंधों का फायदा उठाने की पुतिन की कोशिश को दिखाता है. दूसरी तरफ इस कदम ने यूक्रेन और अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर दी है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें यूक्रेन का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है.
रूस ने संभावित बैठक की पुष्टि की
मामले की जानकारी रखने वाले एक पूर्व रूसी खुफिया अधिकारी का हवाला देते हुए, WSJ ने बताया कि पुतिन ने पहली बार 9 अक्टूबर को ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के दौरान इस त्रिपक्षीय बैठक का विचार रखा था. इसी बातचीत के दौरान एक समझौता भी हुआ, जिसके तहत अमेरिका को रूसी डीजल खरीदने और उसे दुनिया भर के बाजारों में बेचने की अनुमति मिल गई.
'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' को एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस शिखर सम्मेलन के लिए सहमति नहीं दी है. हालांकि, अधिकारी ने संकेत दिया कि युद्ध को सुलझाने की अपनी कोशिशों को देखते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति इस प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं. बातचीत से जुड़े सूत्रों ने 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' को बताया कि क्रेमलिन ने यह सुझाव दिया है कि यह त्रिपक्षीय वार्ता आगामी 'एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग' (APEC) शिखर सम्मेलन के साथ आयोजित की जाए. यह सम्मेलन 18 और 19 नवंबर को दक्षिणी चीन के टेक हब, शेन्जेन में होने वाला है.
मॉस्को और बीजिंग के बीच हाल ही में हुई बातचीत से जुड़े सूत्रों ने 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' को बताया कि रूसी राजनयिकों ने चीनी अधिकारियों के सामने एक प्रस्ताव रखा है. चीनी अधिकारियों ने संकेत दिया कि अगर ट्रंप इसमें शामिल होने के लिए सहमत हो जाते हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी.
जेलेंस्की पर फिर भड़के ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर लगे तेल बेचने के प्रतिबंधों को हटाने के अपने फैसले का बचाव किया है. साथ ही, उन्होंने एक बार फिर व्लोडिमीर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि वे युद्ध खत्म नहीं करना चाहते. अमेरिकी राष्ट्रपति ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "रूस को लेकर मेरा फैसला बहुत सीधा है. मैं रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में शांति के लिए बातचीत कर रहा हूं, और मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिससे रूस बेवकूफी भरी वजह से बातचीत की मेज से दूर हो जाए."
उन्होंने आगे कहा, "जेलेंस्की को कोई परवाह नहीं है। सच कहूं तो, यूरोप से उन्हें जो भारी रकम मिल रही है... उसे देखते हुए लगता है कि वे यह युद्ध खत्म नहीं करना चाहते, और शायद कभी चाहते भी नहीं थे."
ट्रम्प ने कहा, "जेलेंस्की रूस में डीजल रिफाइनरियों को निशाना बना रहे हैं. वे जानते हैं कि इन हमलों से ग्लोबल डीजल बाजार को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिसमें अमेरिका का बाजार भी शामिल है." ट्रंप की यह टिप्पणी तब आई है, जब उन्होंने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके रूसी अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने वाले नए प्रतिबंधों के एक बड़े पैकेज को फिलहाल रोक दिया है.
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