चीन ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष का इस्तेमाल अपने हथियारों के रियल वॉर टेस्ट के लिए किया: यूएस रिपोर्ट

भारत को इस हमले के सीमा पार संबंध मिले और उसने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया. इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया. इसके बाद पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, लेकिन धमकियां नाकाम कर दी गईं.

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  • रिपोर्ट के अनुसार चीन ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने आधुनिक हथियार प्रणालियों का पहला वास्तविक युद्ध टेस्ट किया
  • चीन ने युद्ध के बाद पाकिस्तान को 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान और बैलिस्टिक मिसाइलों की बिक्री की पेशकश की
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने सोशल मीडिया पर फर्जी खातों के जरिए राफेल विमानों को बदनाम करने का प्रचार किया
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एक द्विदलीय अमेरिकी आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि चीन ने मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष का इस्तेमाल अपनी रक्षा क्षमताओं के परीक्षण और प्रचार के लिए किया. अमेरिका-चीन आर्थिक एवं सुरक्षा समीक्षा आयोग की मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया कि इस संघर्ष में पहली बार चीन की आधुनिक हथियार प्रणालियों का वास्तविक युद्ध में इस्तेमाल किया गया. इन हथियारों में HQ-9 वायु रक्षा प्रणाली, PL-15 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और J-10 लड़ाकू विमान शामिल हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद चीन ने कथित तौर पर जून में पाकिस्तान को 40 जे-35 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान, केजे-500 विमान और बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणालियां बेचने की पेशकश की. संघर्ष के बाद के हफ़्तों में, चीनी दूतावासों ने भी भारत-पाकिस्तान संघर्ष में अपनी प्रणालियों की "सफलताओं" की प्रशंसा की और हथियारों की बिक्री को बढ़ावा देने की कोशिश की. यह रिपोर्ट, जो समिति की सुनवाई और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्टों सहित शोध पर आधारित है, कहती है कि मई के संघर्ष को छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) कहना चीन की उकसाने वाली भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना होगा.

राफेल को लेकर दुष्प्रचार किया

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद चीन ने फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान को बदनाम करने के लिए दुष्प्रचार अभियान भी चलाया. रिपोर्ट में कहा गया है, 'फ्रांसीसी खुफिया जानकारी के अनुसार, चीन ने अपने जे-35 विमानों के पक्ष में फ्रांसीसी राफेल की बिक्री में बाधा डालने के लिए एक दुष्प्रचार अभियान शुरू किया, और उसने चीन के हथियारों से नष्ट किए गए विमानों के कथित मलबे की एआई और वीडियो गेम तस्वीरों का प्रचार करने के लिए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया.' इसमें कहा गया है कि चीनी दूतावास के अधिकारियों ने इंडोनेशिया को पहले से चल रही राफेल जेट की खरीद को रोकने के लिए राजी कर लिया.

हालांकि, चीन ने इस रिपोर्ट को गलत सूचना बताकर खारिज कर दिया. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में राफेल के बारे में दुष्प्रचार अभियान पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'आपने जिस तथाकथित 'आयोग' का ज़िक्र किया है, वह हमेशा चीन के प्रति वैचारिक पूर्वाग्रह रखता है और इसकी कोई विश्वसनीयता नहीं है. आयोग की रिपोर्ट ही भ्रामक सूचना है.'

भारत-पाकिस्तान संघर्ष

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. भारत को इस हमले के सीमा पार संबंध मिले और उसने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया. इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया. इसके बाद पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, लेकिन धमकियां नाकाम कर दी गईं. जवाबी कार्रवाई में, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर हमला किया. 10 मई को हुए युद्धविराम के बाद युद्ध समाप्त हो गया.

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