दवाओं पर 100 फीसदी टैरिफ! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए आदेश पर किए दस्तखत

US Tariff News: डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने सिर्फ विदेशों में बनी पेटेंट दवाओं पर टैरिफ नहीं लगाया है. अब जिन तैयार उत्पादों में स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर की बड़ी मात्रा होगी, उन पर पूरी कीमत पर 25 प्रतिशत टैरिफ भी लगेगा.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर किया नए टैरिफ का ऐलान

US Tariff News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 2 अप्रैल को कुछ दवाइयों पर नए टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का आदेश दिया. साथ ही उन्होंने धातुओं (मेटल्स) पर लगने वाले टैरिफ के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है. यह कदम उन्होंने अपने व्यापार एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उठाया है. खास बात है कि इन नए टैरिफ का ऐलान उस 'लिबरेशन डे' के ठीक एक साल बाद किया है, जब उन्होंने लगभग सभी व्यापारिक पार्टनर देशों के साथ ट्रेड वॉर शुरू कर दी थी.

ट्रंप ने क्या फैसले लिए हैं?

1- दवाओं को लेकर

ट्रंप के गुरुवार के एक आदेश के तहत विदेश में बनी पेटेंट वाली दवाइयों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. यह तब तक लागू होगा जब तक देश अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करके कम दरें हासिल न कर लें, या कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्री बनाने का वादा न करें. व्याइट हाउस के अनुसार बड़ी कंपनियों को 120 दिन का समय दिया जाएगा ताकि वे अमेरिका में उत्पादन वापस लाने की योजना (रीशोरिंग प्लान) घोषित कर सकें. छोटी कंपनियों को 180 दिन का समय मिलेगा.

जो कंपनियां अमेरिका में कारखाने बनाने का वादा करेंगी, उन पर 100 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. यह काम उन्हें ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंत तक पूरा करना होगा.

यूरोपीयन यूनियन, जापान, साउथ कोरिया और स्विट्जरलैंड को इस योजना से अलग रखा जाएगा. इन पर पहले से वॉशिंगटन के साथ हुए व्यापार समझौतों के कारण 15 प्रतिशत फार्मा टैरिफ लागू होगा. इसके अलावा जो दवा कंपनियां ट्रंप सरकार के साथ “मोस्ट फेवर्ड नेशन” का समझौता करेंगी और साथ ही अमेरिका में फैक्ट्री भी बनाएंगी, उन्हें इस कड़े फार्मा टैरिफ से छूट मिल सकती है.

2- मेटल्स को लेकर

अब जिन तैयार उत्पादों में स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर की बड़ी मात्रा होगी, उन पर पूरी कीमत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. पहले टैरिफ सिर्फ उन उत्पादों में मौजूद धातु की मात्रा के हिसाब से लगता था।.इस बदलाव से यह चिंता बढ़ सकती है कि उपभोक्ताओं के लिए सामान महंगा हो जाएगा. 

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यहां ध्यान रहे कि फरवरी में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इन वैश्विक टैरिफ को रद्द कर दिया था, लेकिन ट्रंप अलग-अलग कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करके फिर से शुल्क लागू करने की कोशिश कर रहे हैं.

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