(दुर्धटना के बाद कोमा में गईं नीलम शिंदे)
अमेरिका में 14 फरवरी को एक रोड एक्सीडेंट के बाद कोमा में गई 35 वर्षीय छात्रा, नीलम शिंदे के रिश्तेदारों के लिए अच्छी खबर है. अमेरिका उनके परिजनों को आपातकालीन वीजा देने पर विचार कर रहा है ताकि वो कैलिफोर्निया के अस्पताल में जाकर उनसे मुलाकात कर सकें. सूत्रों ने यह जानकारी गुरुवार, 27 फरवरी की दोपहर एनडीटीवी को दी है.
- भारत के विदेश मंत्रालय के अमेरिकी प्रभाग ने इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाने और सहायता मांगने के लिए अमेरिका से संपर्क किया था. सूत्रों ने कहा कि इस तरह की आपात स्थिति के लिए यात्रा परमिट आमतौर पर जल्दी दिए जाते हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में देरी किस कारण से हुई.
- कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ रहीं नीलम शिंदे का एक्सीडेंट 14 फरवरी को हो गया था जब एक चार पहिया गाड़ी ने पीछे से उनको कुचल दिया. उन्हें फ्रैक्चर सहित गंभीर चोटें आईं.
- उनके परिवार ने 48 घंटे बाद वीजा के लिए अप्लाई किया था, लेकिन तब से आवेदन लंबित है. नीलम शिंदे के चाचा कदम शिंदे ने एनडीटीवी को बताया कि बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि अगला स्लॉट अगले साल के लिए है.
- परिवार ने कहा कि एक्सीडेंट में नीलम के दोनों हाथों और दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया. इमरजेंसी में ब्रेन सर्जरी करानी पड़ी थी. उसके बाद से वो कोमा में हैं.
- 16 फरवरी यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा है कि नीलम गंभीर स्थिति में आईसीयू में हैं. यूनिवर्सिटी ने भी परिवार के यात्रा परमिट के लिए अपील की है.
- यूनिवर्सिटी ने लिखा है, "पेसेंट के पिता को चिकित्सा से जुड़े निर्णय लेने में यूसी डेविस मेडिकल सेंटर देखभाल टीम की सहायता करनी चाहिए.”
- सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि परिवार के किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार होने या निधन होने की स्थिति में अमेरिका 'इमरजेंसी' वीजा देता है. इसके लिए एक डॉक्टर से लिखित रिकॉर्ड की आवश्यकता होती है. हालांकि इमरजेंसी वीजा आवेदनों के लिए सीमित स्लॉट हैं.
- यह दुखद खबर इस हफ्ते ही सुर्खियों में आई, जब एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने इसके बारे में बताया. नीलम की मां की पिछले साल ब्रेन कैंसर से मृत्यु हो गई थी. उन्होंने विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाते हुए एनडीटीवी से कहा, "यह एक परेशान करने वाला मामला है. हमें मिलकर इसे सुलझाने की जरूरत है."
- कैलिफोर्निया में स्थानीय पुलिस दुर्घटना की जांच कर रही है और उसने टक्कर मारने वाली गाड़ी के ड्राइवर को हिरासत में लिया गया है. हालांकि, नीलम की स्थिति को देखते हुए, मुश्किल है कि बिना किसी ब्लड रिलेटिव के मामला दर्ज किया जाए.
- नीलम शिंदे मास्टर ऑफ साइंस की छात्रा हैं और चार साल से अमेरिका में हैं.
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