ओबामा पर उछाला कीचड़ खुद पर आ गिरा... ईरान पर हमले के बाद क्यों वायरल हुआ ट्रंप का 13 साल पुराना ट्वीट?

US-Israel Attack Iran: मिडिल ईस्ट की जमीन एक बार फिर जंग की आग में झुलस रही है. अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया है. ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है.

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  • डोनाल्ड ट्रंप के 2013 के पोस्ट्स में उन्होंने बराक ओबामा पर ईरान से युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया था
  • अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान शुरू कर मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है
  • इजरायल के पीएम ने दावा किया कि इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के संकेत मिले हैं
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वाशिंगटन:

अमेरिका के इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने के कुछ ही घंटों बाद, डोनाल्ड ट्रंप के एक दशक से ज्यादा पुराने सोशल मीडिया पोस्ट फिर से वायरल होने लगे. 2013 के ये पुराने पोस्ट दोबारा सामने आए, जिनमें ट्रंप ने उस समय के राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया था कि वे असफल बातचीत की भरपाई करने के लिए ईरान से युद्ध शुरू कर सकते हैं. कमाल की बात है कि आज वही ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद ईरान से न्यूक्लियर समझौता नहीं कर पा रहे हैं और बातचीत के बीच ही उन्होंने ईरान पर हमला कर दिया है.

2013 के एक पोस्ट में ट्रंप ने ओबामा की कूटनीतिक नीति की आलोचना करते हुए उन्हें “कमजोर और अप्रभावी” बताया था. ट्रंप ने उस समय लिखा था, “हमारे राष्ट्रपति ईरान से युद्ध शुरू करेंगे क्योंकि उनमें बातचीत करने की बिल्कुल भी क्षमता नहीं है. वे कमजोर और नाकाम हैं.”

2011 के एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने लिखा था, “चुनाव जीतने के लिए बराक ओबामा ईरान से युद्ध शुरू करेंगे.”

उन्होंने बाद के वर्षों में भी ऐसे दावे दोहराए. 2012 में उन्होंने लिखा, “अब जब ओबामा की लोकप्रियता गिर रही है, तो देखिए वे लीबिया या ईरान पर हमला कर सकते हैं. वे बुरी तरह दबाव में हैं.”

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एक साल बाद ट्रंप ने फिर सैन्य कार्रवाई की भविष्यवाणी करते हुए लिखा था, “मैं अनुमान लगाता हूं कि राष्ट्रपति ओबामा किसी समय अपनी छवि बचाने के लिए ईरान पर हमला करेंगे.”

2013 के एक और पोस्ट में उन्होंने लिखा, “याद रखिए, मैंने पहले भी कहा था- ओबामा किसी दिन खुद को मजबूत दिखाने के लिए ईरान पर हमला करेंगे.”

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ट्रंप के इन पुराने पोस्टों पर दोबारा ध्यान उस समय गया जब अमेरिका और इज़रायल ने तेहरान को निशाना बनाकर संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया. इस हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने इस अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया है. इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि संभवतः इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है, इस बात के कई संकेत मिल रहे हैं.

पूरे मिडिल ईस्ट में फैली जंग

ईरान ने जवाब में इजरायल की ओर “मिसाइलों की बौछार” की. अबू धाबी, कुवैत और दोहा सहित कई खाड़ी देशों में धमाकों की खबरें आईं. अबू धाबी में एक एशियाई नागरिक की मौत की सूचना मिली है. यूएई की राजधानी अबू धाबी में अल धफरा एयर बेस है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी और अमीराती सेनाएं मिलकर करती हैं. वहीं कतर का अल उदैद एयर बेस अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्य अग्रिम ठिकाना है. हालांकि यह साफ नहीं हो सका कि इन ठिकानों को सीधे निशाना बनाया गया या नहीं.

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दुबई में भी धमाकों की खबरें आईं. वहां एक पांच सितारा होटल में भयंकर आग लग गई. खाड़ी देशों में एयरस्पेस बंद और सुरक्षा अलर्ट. इन घटनाओं के बाद खाड़ी देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद करना शुरू कर दिया. बहरीन में भी आपातकालीन सायरन बजाए गए, जब एक मिसाइल अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय की ओर दागी गई. एएफपी के अनुसार, गृह मंत्रालय की ओर से लोगों के मोबाइल फोन पर भेजे गए संदेश में कहा गया, “खतरे के कारण सायरन बजाया गया है.”

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