ट्रंप कह रहे ईरान युद्ध में टारगेट पूरा हुआ तो फिर आर्मी चीफ और जनरलों को क्यों हटाया

US Iran War: ईरान जंग के बीच ही अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल रैंडी जॉर्ज से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा ले लिया गया है. इतना ही नहीं दो अन्‍य शीर्ष सैन्‍य अधिकारियों को भी उनके पद से हटाया गया है.

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अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल रैंडी जॉर्ज को पद से हटाया गया (AFP)
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  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान जंग के बीच सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया
  • पेंटागन के प्रवक्ता ने जनरल जॉर्ज के रिटायरमेंट की पुष्टि करते हुए उनकी सेवा के लिए आभार जताया
  • रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सेना के टॉप पद पर ऐसे अधिकारियों को चाहते हैं जो उनकी और ट्रंप की योजना लागू कर सकें
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US Iran War: अमेरिका मिडिल ईस्ट में एक महीने से जंग लड़ रहा है, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि उनकी सेना ने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह तबाह कर दिया है. लेकिन इसी बीच ट्रंप सरकार के अंदर से एक ऐसा ऐलान होता है जिसने सबको चौंका दिया. ट्रंप ने जंग के बीच ही अपने सेनापति को घर बैठा दिया है. अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल रैंडी जॉर्ज से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा ले लिया गया है. इतना ही नहीं दो अन्‍य शीर्ष सैन्‍य अधिकारियों को भी उनके पद से हटाया गया है. सवाल है कि जंग के बीच अपने सेनापति को ट्रंप ने क्यों हटा दिया है, जबकि वो दावा कर रहे हैं कि अमेरिका एकतरफा जीत रहा है.

आखिर वजह क्या है?

आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया गया है कि आखिर समय से पहले चीफ ऑफ स्टाफ से इस्तीफा क्यों लिया गया है. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक बयान में बस इतना कहा, "जनरल रैंडी ए. जॉर्ज सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से तुरंत रिटायर्ड हो जाएंगे. रक्षा विभाग हमारे देश के लिए जनरल जॉर्ज की दशकों की सेवा के लिए आभारी है. हम उनकी रिटायरमेंट के लिए शुभकामनाएं देते हैं."

सीबीएस ने एक सुत्र के हवाले से कहा कि अमेरिका के रक्षा सचिव (मंत्री) पीट हेगसेथ चाहते थे कि सेना के टॉप पर एक ऐसा व्यक्ति हो जो सेना में उनकी और ट्रंप की सोच और योजना को लागू करे. जॉर्ज, डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान पद से हटाए जाने वाले सबसे नए सीनियर सैन्य अधिकारी हैं. उन्हें सेना के शीर्ष अधिकारी के पद से ऐसे समय हटाया गया है जब अमेरिका का ईरान के साथ युद्ध चल रहा है, और राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि यह युद्ध कई हफ्तों तक और चल सकता है.

लगभग चार दशक के अपने सैन्य करियर में जॉर्ज कई बार इराक और अफगानिस्तान में तैनात रहे हैं. उन्होंने कई अहम पदों पर भी काम किया, जिनमें सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ और राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में पेंटागन प्रमुख लॉयड ऑस्टिन के सीनियर सैन्य सहायक का पद शामिल है.

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टॉप सैन्य अधिकारियों को हटा रहे ट्रंप

ट्रंप ने कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों को हटाया है. इनमें जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल चार्ल्स “सीक्यू” ब्राउन भी शामिल हैं, जिन्हें उन्होंने फरवरी 2025 में बिना कोई कारण बताए बर्खास्त कर दिया था. जिन अन्य सीनियर अधिकारियों को हटाया गया, उनमें नौसेना और कोस्ट गार्ड के प्रमुख, नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी का नेतृत्व करने वाले जनरल, एयर फोर्स के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ, नाटो में तैनात एक नौसेना एडमिरल, और तीन शीर्ष सैन्य वकील शामिल हैं.

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एयर फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ ने भी चार साल के कार्यकाल में से सिर्फ दो साल पूरे होने के बाद बिना कोई कारण बताए रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी. वहीं यूएस साउदर्न कमांड के प्रमुख भी अपने कार्यकाल के सिर्फ एक साल बाद ही रिटायर हो गए.

हेगसेथ ने कहा है कि राष्ट्रपति केवल वही नेता चुन रहे हैं जिन्हें वे चाहते हैं. लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने चिंता जताई है कि इससे परंपरागत रूप से निष्पक्ष रहने वाली अमेरिकी सेना का राजनीतिकरण हो सकता है. पिछले साल पेंटागन प्रमुख ने यह भी आदेश दिया था कि अमेरिकी सेना में सक्रिय ड्यूटी पर मौजूद चार-स्टार जनरल और एडमिरल की संख्या में कम से कम 20 प्रतिशत की कटौती की जाए. इसके अलावा कुल मिलाकर जनरल और फ्लैग अधिकारियों की संख्या में 10 प्रतिशत की कटौती करने का भी आदेश दिया गया था.

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