- अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद शांति समझौता होने की संभावना बढ़ रही है और दोनों देश बातचीत कर रहे हैं
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान ने 'न्यूक्लियर डस्ट' वापस करने पर सहमति दी है
- ट्रंप ने कहा- अगर समझौता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगा तो वह वहां जाकर हस्ताक्षर करने को तैयार हैं
US Iran War Deadline, Ceasefire Updates: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब खत्म होने के करीब लगता है. 5 ऐसे बड़े संकेत मिल रहे हैं जो बताते हैं कि दोनों देश अब लड़ाई रोककर समझौते फाइनल करने ओर बढ़ रहे हैं. चाहे वो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान हो या, न्यूक्लियर मुद्दे पर सहमति का दावा हो. बैकचैनल बातचीत और इजरायल-लेबनान सीजफायर ने भी उम्मीद बढ़ा दी है- ये सभी चीजें दिखाती हैं कि माहौल बदल रहा है. ऐसा लग रहा है कि अब दोनों देश टकराव नहीं, बल्कि शांति चाहते हैं। अगर सब कुछ सही रहा, तो बहुत जल्द एक बड़ा समझौता हो सकता है और यह संघर्ष खत्म हो सकता है.
1) ट्रंप के बयान में शांति-शांति
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भरोसा जताया कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए जल्द ही समझौता हो सकता है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान की अगली बैठक इस वीकेंड हो सकती है. दो हफ्ते के सीजफायर को बढ़ाया भी जा सकता है, लेकिन शायद जरूरत नहीं पड़े क्योंकि तेहरान समझौता करना चाहता है. उन्होंने कहा, “देखते हैं क्या होता है, लेकिन मुझे लगता है कि हम ईरान के साथ डील करने के बहुत करीब हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में साइन होता है, तो वह वहां जा सकते हैं.
2) न्यूक्लियर मुद्दे पर सहमति बनी?
डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान ने अपना “न्यूक्लियर डस्ट” अमेरिका को वापस देने पर सहमति जताई है. दरअसल ट्रंप ने बार-बार “न्यूक्लियर डस्ट” शब्द का प्रयोग ईरान के समृद्ध या एनरिच यूरेनियम के लिए किया है. यहां बहुत बड़ा दावा है क्योंकि यह जंग शुरू होने के पीछे सबसे बड़ा फैक्टर था. ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हो, यह उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, “यह बहुत जरूरी है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हो। और उन्होंने इस पर सहमति दे दी है, और बहुत मजबूती से दी है.”
3) पाकिस्तान जाने को तैयार ट्रंप
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह समझौते पर साइन करने पाकिस्तान जाएंगे, तो उन्होंने कहा, “हां, मैं जा सकता हूं. अगर डील इस्लामाबाद में साइन होती है, तो मैं जा सकता हूं.” ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर की तारीफ की और कहा कि उन्होंने ईरान के साथ बातचीत कराने में बड़ी भूमिका निभाई है. पिछले वीकेंड अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक टीम के साथ इस्लामाबाद गए थे और ईरानी अधिकारियों से बात की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. व्हाइट हाउस ने कहा है कि दूसरी बैठक की तैयारी चल रही है, जो फिर से पाकिस्तान में हो सकती है. यह लगभग तय माना जा रहा है.
4) बैकचैनल सब हो गया है तय- रिपोर्ट
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एक पाकिस्तानी सूत्र ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त (बैकडोर) बातचीत में प्रगति हुई है. आने वाली बैठक में समझौता साइन हो सकता है. पहले दोनों देश एक “मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” (MoU) साइन करेंगे, उसके बाद 60 दिनों के अंदर पूरा समझौता होगा. सूत्र ने कहा, “पहले सिद्धांत पर सहमति हो रही है, तकनीकी बातें बाद में तय होंगी.” एक अन्य सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर तेहरान में बातचीत कर रहे हैं और उन्होंने मुश्किल मुद्दों पर भी प्रगति कर ली है.
5) इजरायल-लेबनान सीजफायर ने भी जगाई उम्मीद
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर लागू हो गया है. खुद डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर का ऐलान किया है. इस कदम का उद्देश्य पिछले एक महीने से जारी हिंसक संघर्ष को रोकना है, जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 34 साल में पहली बार आमने-सामने की बैठक के बाद यह फैसला लिया है. इस सीजफायर ने भी पूरे मिडिल ईस्ट में स्थाई शांति की उम्मीद जगा दी है.
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