- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों ने पावरस कंपनी में निवेश किया है जो ड्रोन बनाती है
- पावरस कंपनी अब मिडिल ईस्ट के कई देशों में अपने इंटरसेप्टर ड्रोन बेचने की कोशिश में है
- ट्रंप के बेटों का नया कारोबार पेंटागन के अरबों डॉलर के फंड से जुड़ा है
US Iran War: जिस जंग में हजारों लोगों की जान जाती है, सैनिक शहीद होते हैं, घर उजड़ जाते हैं, क्या उससे किसी को फायदा होता है? कायदे से इसका जवाब हर स्थिति में ना होना चाहिए क्योंकि जंग से बुरी चीज और कुछ नहीं होती. उसे किसी तरह से फायदे का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए. हालांकि अमेरिका और ईरान में कुछ ऐसा हो रहा है जिसपर सवाल उठ रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो सबसे बड़े बेटों ने हाल ही में जिस ड्रोन बनाने वाली कंपनी में अपना पैसा लगाया था, अब वह कंपनी खाड़ी देशों को अपने ड्रोन बेचने की कोशिश कर रही है. यह तब हो रहा है जब ये देश ईरान के हमलों का सामना कर रहे हैं और सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना पर निर्भर हैं, जिसका नेतृत्व उनके पिता करते हैं.
फ्लोरिडा में स्थित कंपनी पावरस ने पिछले महीने घोषणा की थी कि एरिक ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर कंपनी से जुड़ेंगे. अब कंपनी इन खाड़ी देशों को ड्रोन बेचने की कोशिश कर रही है. इससे कंपनी को उस युद्ध से फायदा मिल सकता है जिसे उनके पिता ने शुरू किया था. एपी की रिपोर्ट के अनुसार पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने बताया कि कंपनी कई खाड़ी देशों में अपने ड्रोन का प्रदर्शन कर रही है. कंपनी यह दिखा रही है कि उसके रक्षा करने वाले ड्रोन इंटरसेप्टर इन देशों को ईरान के हमलों से बचाने में कैसे मदद कर सकते हैं.
उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन-कौन से देश हैं और ज्यादा जानकारी भी नहीं दी.
ट्रंप के बेटों ने कंपनी से क्या डील की है?
एरिक ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ऑटोनॉमस ड्रोन कंपनी Powerus और सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनीऑरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स इंक के विलय में “प्रमुख निवेशक” हैं. प्रेस रिलीज के अनुसार, विलय के बाद जो नई संयुक्त कंपनी बनेगी, उसका नाम Powerus होगा. यह कंपनी “उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सैन्य और व्यावसायिक उपयोग” के लिए ऑटोनॉमस ड्रोन बनाएगी. प्रेस रिलीज में यह भी कहा गया कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध इस बात का सबूत है कि यह प्रोजेक्ट कितना जरूरी है.
ट्रंप भाइयों का पावरस के साथ किया गया यह समझौता उन्हें कंपनी में बड़ा हिस्सा दे सकता है. जब ट्रंप भाइयों के कंपनी में हिस्सेदारी की घोषणा हुई थी, तब पावरस ने कहा था कि इसमें किसी तरह का टकराव नहीं है. ब्रेट वेलिकोविच ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य अमेरिका को चीन और रूस के ड्रोन निर्माताओं के बराबर लाना और उनसे आगे निकलना है.
ट्रंप के बेटों का यह नया कारोबार (ड्रोन कंपनी में पैसा लगाना) पेंटागन द्वारा रखे गए 1.1 अरब डॉलर के फंड पर नजर रखे हुए है. यह पैसा अमेरिका में हथियार वाले ड्रोन बनाने के उद्योग को बढ़ाने के लिए रखा गया है. यह जरूरत तब पैदा हुई है जब ट्रंप सरकार ने चीन से ऐसे ड्रोन मंगाने पर रोक लगा दी थी. एपी की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप के बेटों का कहना है कि अपने पिता के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल में उन्होंने अपने कारोबार को ज्यादा नहीं बढ़ाया था, लेकिन उन्हें इसके लिए कोई सराहना नहीं मिली. इसलिए इस बार उन्होंने फैसला किया है कि वे अपने कारोबार को बढ़ाने से खुद को ज्यादा नहीं रोकेंगे.













