- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता बहुत करीब है
- ट्रंप ने कहा कि समझौता होने पर मुफ्त तेल मिलेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहेगा।
- ईरान की सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को अवास्तविक और मजाकिया बताया है।
US Iran Ceasefire Talks and Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान अब समझौता होने के काफी करीब पहुंच गए हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता पाकिस्तान में फाइनल हो जाता है, तो वह वहां जा सकते हैं. वहीं दूसरी तरफ ईरान की सरकारी मीडिया ने ट्रंप के इस दावे का मजाक उड़ाया है कि अमेरिका ईरान के साथ एक ऐसा समझौता करने के करीब है, जो अमेरिका को "फ्री का तेल और खुला होर्मुज जलडमरूमध्य" देगा.
ईरान समझौता करना चाहता है- ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया कि परमाणु समझौते पर प्रगति हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो संघर्ष विराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाया जा सकता है. ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “ईरान समझौता करना चाहता है और हम उनसे बहुत अच्छे तरीके से बातचीत कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान अब वे कदम उठाने को तैयार है, जिनके लिए वह दो महीने पहले तैयार नहीं था.
ट्रंप ने कहा कि बातचीत तेजी से आगे बढ़ सकती है और अगली आमने-सामने की बैठक शायद वीकेंड में हो सकती है. सीजफायर को लेकर उन्होंने कहा कि इसे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह तय नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर हम समझौते के करीब होंगे तो मैं इसे बढ़ा सकता हूं, लेकिन हम पहले ही काफी करीब हैं.” साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो फिर से लड़ाई शुरू हो सकती है.
फिर ईरान बोला- मुंगेरीलाल के हसीन सपने
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर ट्रंप की मीडिया से बातचीत की एक क्लिप साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिकी नेता "हवा में महल बना रहे हैं". IRIB ने एक फारसी कहावत भी साझा की जिसके अनुसार ऊंट बिनौला के सपने देखता है, सपने में कभी-कभी उसे निगल जाता है, कभी-कभी उसे दाना-दाना खाता रहता है."
इस कहावत का प्रयोग अक्सर किसी ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जिसकी अवास्तविक इच्छाएं होती हैं या वह किसी ऐसी चीज का सपना देखता है जिसके सही में होने की संभावना नहीं होती है. इसका इस्तेमाल ईरान के पिछले सुप्रीम अली खामेनेई ने अतीत में ट्रंप का मज़ाक उड़ाने के लिए किया था. खामेनेई 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे.
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