मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया है. ईरान ने पहले ही यह दावा किया था. अब अमेरिका ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को पुष्टि की है कि ईरान के ऊपर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है और विमान के चालक दल की तलाश जारी है.
अमेरिका और इजरायल ने भी की पुष्टि
इजरायल के आर्मी रेडियो ने इजरायली सूत्रों के हवाले से बताया है कि उन्होंने भी इस बात की पुष्टि की है कि विमान को गिरा दिया गया है और तलाशी अभियान जारी है. चालक दल की स्थिति के बारे में अभी तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.
इसके अलावा वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की गई है. इस रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुए एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के चालक दल को खोजने और बचाने का अभियान चल रहा था. मामले के जानकारों को वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से इस देश के भीतर किसी विमान के नष्ट होने का यह पहला ज्ञात मामला है.
ईरान ने पहले ही किया था दावा
इससे पहले ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRCG) ने दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स के नए एडवांस डिफेंस सिस्टम ने मध्य ईरान के आसमान में अमेरिका के एक और F-35 फाइटर जेट को मार गिराया है. ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना गिराए गए फाइटर जेट के पायलट को खोजने के लिए अभियान चला रही है, लेकिन अब तक उन्हें सफलता नहीं मिली है. रिपोर्ट में बताया गया है कि पश्चिमी ईरान के कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत में अमेरिकी बलों ने पायलट को तलाशने के लिए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और सी-130 हरक्यूलिस विमान का इस्तेमाल किया, लेकिन उनके प्रयास विफल रहे.
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पूरी तरह तबाह हुआ फाइटर जेट
बताया गया है कि जेट के नष्ट होने के बाद पायलट ने इजेक्ट कर लिया था और वह ईरान के भीतर ही उतरा. IRCG के मुताबिक, यह लड़ाकू विमान लैकनहीथ स्क्वाड्रन का था और पूरी तरह तबाह हो चुका है. तस्नीम की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी पायलट को ईरानी सैन्य बलों ने पकड़ लिया हो सकता है. हालांकि, कुछ सूत्रों का कहना है कि अमेरिका को शक है कि पायलट जीवित है और उसे निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली.
इससे पहले भी IRGC ने दावा किया था कि उसने ईरान के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में अमेरिका के एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया था. यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिसके जवाब में ईरान और उसके सहयोगियों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया है.
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