अली खामेनेई को मारने के बाद किम जोंग का नंबर? अमेरिका ने कोरिया भेजी सेना की बड़ी टुकड़ी

US South Korea large military drill: अमेरिका ने सोमवार को नॉर्थ कोरिया के पड़ोसी और दुश्मन देश साउथ कोरिया के साथ एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया, जिसमें हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन
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  • अमेरिका और साउथ कोरिया ने मिलकर फ्रीडम शील्ड नामक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है
  • इसमें साउथ कोरिया के सैनिकों की संख्या स्पष्ट है, लेकिन अमेरिकी सैनिकों की संख्या बताई नहीं गई है
  • नॉर्थ कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपने खिलाफ संभावित हमले की तैयारी मानता है
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अमेरिका ईरान को अपना दुश्मन मानता आया है और उसने जंग छेड़कर वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया. एक और ऐसा देश है जिसे अमेरिका अपने टारगेट पर रखता है और राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल पर उसपर हमले की धमकी भी दी थी. हम बात कर रहे हैं नॉर्थ कोरिया की. सवाल उठ रहा है कि क्या अयातुल्लाह अली खामेनेई के बाद अमेरिका के निशाने पर नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन आएंगे. यह सवाल इसलिए जोर पकड़ रहा है क्योंकि अमेरिका ने सोमवार, 9 मार्च को नॉर्थ कोरिया के पड़ोसी और दुश्मन देश साउथ कोरिया के साथ एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया, जिसमें हजारों सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. यह अभ्यास ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका मिडिल ईस्ट में भी बढ़ते हुए युद्ध में शामिल है.

साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि फ्रीडम शील्ड नाम के इस सैन्य अभ्यास में उनके देश के लगभग 18,000 सैनिक हिस्सा लेंगे. यह अभ्यास 19 मार्च तक चलेगा. साउथ कोरिया में तैनात अमेरिकी सेना ने अभी यह नहीं बताया है कि इस अभ्यास में कितने अमेरिकी सैनिक भाग ले रहे हैं. दोनों देशों का यह संयुक्त सैन्य अभ्यास ऐसे समय हो रहा है जब साउथ कोरिया की मीडिया में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ चल रही लड़ाई में मदद के लिए साउथ कोरिया से कुछ सैन्य संसाधन खाड़ी क्षेत्र में भेज रहा है.

एपी की रिपोर्ट के अनुसार साउथ कोरिया में मौजूद अमेरिकी सेना ने पिछले हफ्ते कहा था कि सुरक्षा कारणों से वह सैन्य संसाधनों की आवाजाही के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दे सकती. वहीं साउथ कोरियाई अधिकारियों ने भी इन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि अमेरिका के कुछ पैट्रियट एंटी-मिसाइल सिस्टम और अन्य उपकरण मिडिल ईस्ट भेजे जा रहे हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों की संयुक्त रक्षा व्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.

क्या है फ्रीडम शील्ड अभ्यास?

फ्रीडम शील्ड उन दो वार्षिक “कमांड पोस्ट” सैन्य अभ्यासों में से एक है जो अमेरिका और साउथ कोरिया मिलकर करते हैं. दूसरा अभ्यास उल्ची फ्रीडम शील्ड है, जो अगस्त में होता है. ये अभ्यास ज्यादातर कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए किए जाते हैं और इनका उद्देश्य दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता को परखना होता है. इनमें बदलते युद्ध के हालात और सुरक्षा चुनौतियों को भी शामिल किया जाता है. हर साल की तरह मार्च में होने वाले इस अभ्यास के साथ एक फील्ड ट्रेनिंग कार्यक्रम भी होगा, जिसे वॉरियर शील्ड कहा जाता है. हालांकि इस बार फील्ड अभ्यासों की संख्या कम कर दी गई है. पिछले साल जहां 51 फील्ड अभ्यास हुए थे, वहीं इस बार सिर्फ 22 ही होंगे.

कहीं नॉर्थ कोरिया न हो जाए नाराज

फ्रीडम शील्ड अभ्यास से नॉर्थ कोरिया नाराज हो सकता है. नॉर्थ कोरिया लंबे समय से अमेरिका और साउथ कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को अपने ऊपर संभावित हमले की तैयारी बताता रहा है. वह अक्सर इन अभ्यासों को बहाना बनाकर अपनी सैन्य गतिविधियां और हथियार परीक्षण बढ़ा देता है. हालांकि अमेरिका और साउथ कोरिया कहते हैं कि ये अभ्यास केवल रक्षा के लिए हैं.

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नॉर्थ कोरिया ने 2019 में हुई एक शिखर बैठक के असफल होने के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ लगभग सभी महत्वपूर्ण बातचीत रोक दी थी. यह बैठक नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन और उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई थी.

पिछले कुछ वर्षों में तनाव और बढ़ गया है. किम जोंग उन ने रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले का फायदा उठाकर अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया. उन्होंने रूस के साथ सैन्य सहयोग भी बढ़ाया. रिपोर्टों के अनुसार रूस को नॉर्थ कोरिया से हजारों सैनिक और बड़ी मात्रा में हथियार भी मिले, जिससे रूस को अपने युद्ध में मदद मिली.

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